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सुपौल : निजी एंबुलेंस से ठगे जा रहे मरीज – अरुण कुमार झा

सुपौल अरुण कुमार झा –
   
सुपौल  के निजी एम्बुलेंस  संचालकों का है नेटवर्क, गांवों से जिला अस्पताल आने वाले मरीज निशाने पर
जिले में निजी  संचालकों की एंबुलेंस धड़ल्ले से चलाई जा रहीं हैं। इससे गांवों से आने वाले भोले-भाले मरीज और उनके तीमारदार ठगे जा रहे हैं। इस खेल में जिला अस्पताल के इर्द गिर्द मंडराने वाले दलाल  भी  शामिल हैं, जो कमीशन के लालच में मौका ताड़ते ही मरीज को निजी एंबुलेंस संचालक के हवाले कर देते हैं। इसके बाद मरीज और उसके तीमारदार इस कुचक्र में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा देते हैं। इस मामले की शिकायत एआरटीओ समेत स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से की गई है।
सरकार ने त्वरित सेवाओं के लिए 108 नंबर की एंबुलेंस चला रखी है, जिसके अलावा महिलाओं के लिए 102 नंबर की  जिनकी सेवाएं निशुल्क हैं। इसके बावजूद जानकारी के अभाव में गांव के मरीज प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों के जाल में फंसकर ठगी का शिकार बन रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि जिला अस्पताल में काम करने वाले प्राइवेट कर्मी और एंबुलेंस के बीच गठजोड़ है, जो मरीज के साथ आए तीमारदार का ब्रेनवाश कर अच्छे इलाज का झांसा देकर पटना के निजी अस्पतालों में भेज देते हैं। जब तक तीमारदार को ठगे जाने का एहसास होता है, तब तक बहुत देर हो जाती है। पैसा और समय की बर्बादी होती ही है और मरीज की जान पर आफत बन आती है। इस गोरखधंधे की खबर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को भी हैं, लेकिन कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। ताकि जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में कमी लाई जा सके।