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अरुण कुमार झा की एक रिपोर्ट

सुपौल/गणेश कुमार:-सुपौल जिले के राघोपुर प्रखण्ड क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार हो गई है।बिना वैध डिग्रीधारी डाक्टर क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज कर रहा हैं जिससे मरीज व परिजन  शोषण का शिकार हो रहा  हैं।विभाग है कि इन पर कार्रवाई करने के बजाए आखें मूंदे बैठा है, यही वजह है कि नीम हकीमो की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।प्रखण्ड क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो गए हैं।प्रखण्ड क्षेत्र में ऐसे कई फर्जी डाक्टर गुप्त रोग एवं अन्य बड़ी बीमारियों के बोर्ड लगाकर गारंटी से बीमारी खत्म करने के नाम पर मरीजों का शोषण कर मोटी रकम हासिल कर रहे हैं। प्रखण्ड क्षेत्र में मरीजों को देखने वाले झोलाछाप चिकित्सक कुछ समय तक किसी नामी गिरामी चिकित्सक के यहां कार्य करते हैं।इसके बाद अपनी निजी दुकान खोलकर प्रैक्टिस शुरू कर देते हैं।इनमें से बहुत से झोलाछाप डॉक्टर अपने ट्रेनिंग सेंटर का नाम बताकर मरीजों का शोषण करते हैं।यह अलग बात है कि ऐसे झोलाछाप चिकित्सकों को यह तक पता नहीं होता कि किस ग्रूप व कंपोजीशन की दवा मरीजों को देनी है,ऐसे डॉक्टर मरीजों को उपचार के नाम पर सबसे पहले ड्रिप चढ़ाते हैं।दर्जनों झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय होकर भोले-भाले नागरिकों को बीमारी के नाम पर लूट रहे हैं।स्वास्थ्य अमले द्वारा कुछ भी कार्रवाई नही किए जाने से इन फर्जी डॉक्टरों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।इन झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा स्वयं की दवाइयां ऊंचे दामों पर मरीजों को विक्रय की जा रही है।इन फर्जी डॉक्टरों के मकडज़ाल में फंसकर कई लोग अपनी जान तक गवा चुके हैं।

कहते हैं स्थानीय लोग:-
फनीलाल मंडल,रामदेव यादव,जमील अनवर,कैलाश यादव,सूरज साह,सुभाष झा,बैद्यनाथ भगत,जूली मेहता,राजकुमार चौधरी,रमेश मंडल  आदि का कहना हैं कि सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों द्वारा मरीजों के साथ बरती जा रही बेरुखी के कारण मरीज झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाने को मजबूर हो रहे हैं।

RAJESH SHARMA