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एम0पी0सिंह की एक रिर्पोट

सिद्धार्थनगर – चंन्द्रशेखर आजाद पब्लिक स्कूल द्वारा अपने वार्षिक उत्सव में सैकड़ो की संख्या मे उपस्थित अभिभावकों के समक्ष विद्यालय के पठन-पाठन की गुणवता तथा वर्तमान योगी सरकार की नीतियांेकी खुलकर तारीफ किया विद्वान शिक्षा विद द्वारा अपने संम्बोधन यह उदगारव्यक्त किया गया कि एक वर्ष के छोटे से कार्यकाल मे मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हर वह फैसला किया गया जो दीर्घकाल में उत्तर प्रदेश को अराजकता और भ्रष्ट्राचार से मुक्त कर उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए मजबूत नींव रखा है जिसके लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा श्री अमितशाह की जितनी भी तारीफ की जाए उतनी कम है जहाँ तक उप चुनाव का सवाल है जातिवादी आरंक्षणवादी धर्मान्धसमुदाय एवं भ्रष्ट्राचारियों के पोशक तत्वो के चलते राजस्थान और मध्यप्रदेश में प्रार्टी को जनता का विरोध देखने को मिला वही विरोध और प्रतिक्रिया गोरखपुर और फूलपुर मे देखने को मिली किन्तु गोरखपुर और फूलपुर की हार को बहुत बढा-चढाकर पेश किया जा रहा है

क्योंकि सपा बसपा कांग्रेस और लालू यादव के पाट्र्री के लोग अपने पूर्व जातिवादी और भ्रष्ट्राचार परक फैसले के कारण जाँच के दायरें में हैं तथा इन दलों द्वारा भासपा के ओमप्रकाश राजभर सरीखे से देश मे कानून आर्थिक स्थित और राष्ट्रीय हितों की अनदेखी करते हुए केवल सत्ता एन केन प्रकारेण प्राप्त करना और लूट खशोट स्वंम करना और देश को अराजकता मे ढकेल देना आज पाकिस्तान जैसे देश के मनोबल को बढाने वाला साबित हुआ प्रतिदिन सैकड़ो जवान मर रहें हैं नव युवकों मे नौकरियों मे जातिवाद भाई भतीजा वाद और भ्रष्ट्राचार के चलते जो निराशा थी उसे योगी और मोदी ने दूर करने का प्रयास किया अपने एक वर्ष के कार्यकाल में जो भी फैसले लिए उसपर एक बिन्दी भी नही रखी जा सकती गढ्ढा मुक्त नीति मे भ्रष्ट इजिनियर ठीकेदार और बारिश ने योजना को असफल किया तथा राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण और पर्यावरण मंत्रालय मे बैठे प्रकाश जाबड़ेकड तथा अदालत की तलवार ने बालू खनन को बाधित किया जिससे उसके मूल्यों मे बेतहाशा वृद्धि हो गई तथा नोट बन्दी जैसे बड़े कार्यक्रम से जनता को कष्ट हुआ जो बहुल्क अनपढ़ थी उसे इसके उद्देयश्य और लाभ का पता नही रहा तथा पूर्ववर्ती सरकार के शिक्षामित्रों के कानून विरुद्ध समायोजन से अदालत का इसी बीच खिलाफ फैसला योगी सरकार के विरुद्ध महोल बनाया यही नही जाँच के दायरे मे आए दलों के नेता सरकारी अधिकारी और मदरसों तथा शिक्षा विभाग के भ्रष्ट्राचारी लाम बन्द होकर अचानक जनता को भ्रमित करने लगे अबेम्डकर वादी दुष्प्रचार द्वारा जनता मे भाजपा को आरंक्षण विरोधी होने का भ्रम फैलाये अपराधियों पर न केल कसे जाने से माफिया तन्त्र जो समानातंर सरकार चला रहे थे वह भी एक जुट हो गए और एक वर्ष के कार्यकाल मे बिजली और रसोईगैस के अलावा और कुछ जनता मे सुविधा क महसुस नही हो पाया अधिकारी के पास पुराना बैंक बैलेन्स की जाँच प्रताल के नाते चोरी छिपे घुसखोरी की प्रवृत्ति बढी ग्राम प्रधान और कोटेदार पर भ्रष्ट्राचार की लगाम कसने से वो भी सरकार के विरोध मे हो गए और धान की खरीद मे 67 प्रतिशत चावल की प्रतिपूर्ति की तलवार से खरिदारी शून्य रही जिसके कारण उपचुनाव में आम आदमी इन पार्टियो के दुष्प्रचार और भ्रम का शिकार हो गया स्वमं अब गोरखपुर की जनता पछता रही है।

RAJESH SHARMA