All for Joomla All for Webmasters

अरुण कुमार झा

प्रखंड क्षेत्र के मोहनपुर कटहारा पंचायत स्तिथ मदरसा जामिया अरबिया मसीहुल उलूम परिसर में दो दिवसीय अजीमूस्सान ईसलाहे मासरा नामक जलसा  का आयोजन किया गया । 

जलशा में शिरकत करने वाले कई जिले के मौलानाओ (वक्ताओ )ने अपनी बाते रखते हुए लोगो से आपसी सोहार्द   अमन चैन आदि बनाये रखने की अपील की । बुधवार रात से शुरू हुयी जलशा गुरुवार को मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के पूर्व सदस्य  मौलाना सगीर रहमानी के द्वारा दुआ के साथ समापन  हुआ ।  जलशा के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए गुरुवार को मुख्य वक्ता खतीबुल हिन्द हज़रत मौलाना जमील साहब (मुंगेर) ने अपने तकरीर में कहा कि आज के मुसलमान अपने नबी के फरमान को भूल बैठे हैं। उन्होने शादी विवाह में दहेज जैसे घिनौने चलन की आलोचना की। उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण है शिक्षा एक ऐसी चीज है जो इंसान को इंसान बनाती है। उन्होंने कहा कि इस जलसे से तमाम मुसलमानों को यह पैगाम देना चाहता हूँ कि जहां अल्लाह ने हमें क़ुरआन में हम सभी को अमनो शांति से रहने का हुक्म दिया है, इसलिए सभी मुसलमान अमनो शांति के साथ खड़े रहें, और सभी को अमनो शांति के साथ रहने का पैगाम दें, इसी पैगाम को जन जन तक पहुंचाने के लिए आज का यह जलसा का आयोजन किया गया। 

   मौलाना मुफ्ती तवारक हुसैन (आसाम) ने कहा की मुहब्बत व मुहम्मद एक दूसरे के पूरक हैं। जिसमें मुहब्बत नहीं वो मुहम्मद का नहीं हो सकता। जो मजहब तलवार की ताकत पर कायम हो उसे इस्लाम मत कहना। एक हाथ में कुरआन व दूसरे हाथ में मुहब्बत का पैगाम लेकर चलने वाले कि जहां मजहब का झंडा व वतन की शान तिरंगा की बात आएगी, वहां गर्व से तिरंगे का दामन थाम लेंगे।  आप को बताते चलूं की मौलाना मुफ्ती तौसीफ (गुजरात) ने अपनी संबोधन में कहा कि दहेज के लेना और देना यह हमारे मजहबे इस्लाम के अंदर नाजाएजो हराम है, अगर कोई दहेज लेकर शादी करता है तो हम उसकी घोर निंदा करते हैं, इस तरह की शादी में हम सभी को उसकी मदद नही करनी चाहिए, और उसका बायकॉट होनी चाहिए । आज हमारे समाज के अंदर जो इस तरह की बुराइयां है सभी लोग मिलकर इसको दर किनार करने का काम करेंगे। मौलाना ने जलसे की माध्यम से पूरे मुल्क के लोगों को शांति का पैगाम दिया। 

  मौके पर मुफ्ती कौशर सुभानी (सहारनपुर), मौलाना मुफ्ती मोo जैनुद्दीन काशमी, हाफ़िज आलमगीर, हाफिज़ मो ईस्तेखार, मदरसा सचिव कमरूस ज़मा, मौलाना ऐयुब निज़ामी़,  मौलाना मुमताज रहमानी, हाफिज़ जासिम, मो आलमीन, मो बदरूद ज़मा, मो इसराइल आदि लोग मौजूद थे ।

RAJESH SHARMA