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देवेन्द्र सिंह की रिपोर्ट

गोरखपुर। पुरानी कहावत है कि जब मेढ़ ही खेत खाने लगे तो रखवार का क्या दोष। अब ज़मीन कब्ज़ा और अतिक्रमण करने में भूमाफियाओं और बिल्डरों की जमात में जनप्रतिनिधियों के अलावा कुछ सरकारी कर्मी भी शामिल हो गए हैं।कुछ ऐसा ही नज़ारा सीएम सिटी में देखने को मिल रहा है। शहर में सड़को व नाले नालियों पर अतिक्रमण से सम्बंधित मामलों को देखने की जिम्मेदारी नगर निगम की है और महापौर द्वारा लगातार इस समस्या के समाधान को लेकर मुआयना किया जा रहा है लेकिन यहां महापौर के व्यक्तिक सहायक ने ही अपने घर के सामने से गुजरने वाले नाले पर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। इसके लिए उनके द्वारा सड़क पर ही तीन पिलर खड़ा कर दिया गया है जिससे आने वाले समय में वहां की सड़क संकरी हो जाएगी। अब जब नगर निगम के साहब खुद ही अतिक्रमण कर रहें हैं तो भला उनको रोकने की हिम्मत कौन कर सकता है।

वही दूसरी ओर वार्ड नम्बर 51 में नगर निगम की भूमि पर इस्माईलपुर शिव मंदिर के पीछे पूर्व पार्षद से मिलकर कब्ज़ा किया जा रहा है, जिसकी शिकायत वर्तमान पार्षद शहाब अंसारी द्वारा नगर आयुक्त से की गई है। हालांकि इस्माइलपुर वार्ड में इसके पूर्व जब एक कुएं पर कब्ज़ा करने का मामला प्रकाश में आया था तो पार्षद शहाब अंसारी ने चुप्पी साध ली थी ।

बहरहाल अब देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम से जुड़े इन मामलों में उच्चाधिकारियों के स्तर से क्या कार्यवाही होती है।

RAJESH SHARMA