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विजय कुमार साह की एक रिपोर्ट 
टेढ़ागाछ(किशनगंज)-प्रखंड के ऐतिहासिक स्थल पर बेणुगढ़ टीला में बैसाखी मेला के मौके पर राजा बेणु के मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी! मुराद पूरी होने पर लोगों ने ग्रामीण देवता बेणु महाराज के मंदिर में कबूतर, छागर की बलि दी! आसमा खातून व कौशरी बेगम ग्राम धीमा टोला बहादुरगंज की दोनों ने बताई शादी के कई साल तक उन्हें संतान नहीं हुई तो वे राजा बेणु के मंदिर में आकर आराधना की, कि उन्हें संतान की प्राप्ति होगी तो वे छागर का चढ़ावा करेगी!

उन्हें संतान की प्राप्ति बाबा के आशीर्वाद से हुआ है!इस वर्ष वे काफी खुश होकर छागर चढ़ाने पहुँची! इस मौके पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंच कर मंदिर में माथा टेका! मेला में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए पूजा कमेटी की ओर से धूल से राहत के लिए पानी पटवन की व्यवस्था की गई थी! श्रद्धालुओं के लिए पंडाल कुर्सियां आदि का इंतजाम किया गया था! शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे! जानकारों का कहना है कि यह स्थान महाभारत काल में राजा बेणु का गढ़ था, निकट में नृत्यशाला है, जहां अर्जुन नृत्यकला का प्रशिक्षण दिया करते थे! गढ़ का टीला अभी भी विद्यमान है! एक विशाल पोखर किनारे राजा बेणु का मंदिर है! लोग यहां संतान प्राप्ति की मनोकामना की पूर्ति एवं चुनाव में जीत की मंशा, विवाह समारोह के लिए वर-वधु की मन्नतें मांगने आते हैं, मुराद पूरी होते ही चढ़ावा करने श्रद्धालु पहुँच जाते हैं! परन्तु सरकार की उपेक्षा के कारण पर्यटन स्थल का दर्जा नहीं मिला है!

RAJESH SHARMA