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किशोर चौहान,बिहटा

(पटना)।जय श्रीराम के जयघोष के बीच बजरंगबली ने लिया देवी -देवताओं का आशीर्वाद।सोमवार को मंदिर में विराजेंगें।उन्हें डोली में बिठाकर सैकड़ो भक्तों ने बैंड-बाजे के मधुर धुन पर नगर के सभी मंदिरों में ले गये।इस अवसर पर संत हयग्रीवाचार्य ने कहा कि भक्तों के वश में होते हैं भगवान।यज्ञ से पूरी होती है मनोकामना।कलियुग में सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है मानस।

बिहटा के गोखुलपुर कोरहर में आयोजित हनुमत प्राणप्रतिष्ठात्मक महायज्ञ सह रामकथा अंतिम मुकाम पर है।सोमवार को हनुमान जी की प्राण- प्रतिष्ठा, पूर्णाहुति तथा भंडारा के साथ 9 दिवसीय यज्ञ का समापन होगा।इस अवसर पर सेवा कुंज अंगरा काशी धाम के संत स्वामी हयग्रीवचार्य जी महाराज कहा कि जब महाराजा दशरथ को कोई संतान नहीं हुआ तो उन्होंने गुरु वशिष्ठ जी की सलाह पर  यज्ञ किये थे।उसके प्रसाद से ही राम,लक्ष्मण,भरत और शत्रुध्न चार पुत्र की प्राप्ति हुई। अयोध्या से पधारे संत श्री श्री 108 श्री चेतन दास त्यागी ने कहा कि भगवान अपने भक्तों से किये गए वादे को हर हाल में पूर्ण करते है।वे मनु और शत्ररूपा को दिये गये वचन और उनकी मनोरथ पूर्ण करने के लिये ही त्रेता युग मे राम के रूप में अवतार लिये।वैसे तो उनके अवतार के कई अन्य कारण था ,लेकिन उसमें प्रमुख कारण यह भी था।त्रेता में मनु ही दशरथ और शत्ररुपा ही कौशल्या थी।वैदिकाचार्य श्री मनु पाठक ने कहा कि कलियुग में प्राणियों के उद्धार के लिये मानस सर्वश्रेष्ठ ग्रन्थ है।यज्ञ में मंडप की परिक्रमा, रामकथा श्रवण एवं रामलीला को देखने के लिये श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। पंडित रघुपति पांडेय, आशुतोष पाठक,राधेश्याम पाठक,कृष्ण मुरारी पांडेय,अजय बाबा एवं शिवनंदन गिरी ने मंत्रोचारण से हवन-पूजन कराये।हवन-पूजन में श्री निवास सिंह,सुरेश राय, राजदेव राय, बिनोद यादव,मोहन यादव,अयोध्या राय सहित गोखुलपुर कोरहर, मठिया सहित सैकड़ों शामिल हुये।

RAJESH SHARMA