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अरूण कुमार झा 

सुपौल  : प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वाधान में स्थानीय मिलन मैरेज प्लेस सुपौल में आयोजित “खुशी या तनाव स्वयं करे चुनाव” कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविध्यालय मधेपुरा के कुलपति डॉ. अवध किशोर राय के द्वारा किया गया! कुलपति ने कहा कि जिंदगी तो सभी जीते है पर खुशनुमा जिंदगी कम ही लोग जी पाते है! जीवन जीने की कला कम ही लोगों को पता है! यही वजह है अधिकांश व्यक्ति दुःख, चिंता, तनाव आदि के शिकार हैं!

मनोचिकित्सक बेस्ट सेलिंग लेखक बीके डॉ. गिरीश पटेल मुख्य वक्ता ने कहा कि किसी का खराब काम देखकर क्रोध करने के वजाय उनके लिए दुआ माँगना श्रेष्ट इंसान का लक्षण है! ज्यादा बोझ लेकर चलने वाला जहाज डूब जाते हैं! फिर बोझ सामान का हो या अभिमान का, बोझ तो बोझ होता है!

     मुख्य वक्ता ने कहा कि छोटी सी जीवन है हँस के जियो, भूला के गम सारे दिल से जियो! गलती को एहसास कर सुधारना सफलता का पहला कदम है! में का ईगो पलना सबसे ज्यादा दुखदायक है! कभी भी घमंड या अहंकार में अपना सर ऊँचा न उठाएं चूकी बड़ा से बड़ा विजेता भी अपना सम्मान सर झुका के ही पाता है! जीवन जन्म और मृत्यु के बीच का एक छोटा सा अंतराल है! इसलिए इस अंतराल में खुश रहिये और दूसरों को खुश करिए! जीवन के हर एक क्षण का आनंद उठाइए!

वक्ताओं ने कहा कि ख़ुशी एक एहसास है! जिसकी हर किसी को तलाश है! गम एक ऐसा अनुभव है जो सबके पास है! मगर जिंदगी तो वही जीता है जिसको खुद पर विश्वास है! स्वयं को खुश रखना अपने दुश्मनों के लिए सबसे बड़ा सजा है! वहीँ लोहिया यूथ ब्रिगेड के प्रदेश संयोजक डॉ. अमन कुमार, बी.के. शालिनी दीदी, प्रचार्य संजीव कुमार, डॉ. राजाराम गुप्ता, राष्ट्रीय सार्वजनिक मेला समिति सचिव युगल किशोर अग्रवाल, केशव अग्रवाल, अरुण अग्रवाल, बी.के. सुधाकर आदि को भी मंच पे सम्मानित किया गया! साथ ही तमाम मंचासीन अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया!

RAJESH SHARMA