All for Joomla All for Webmasters

भाजपा सरकार मे सुरक्षित नहीं है बेटीया -सरोहा,कुरुक्षेत्र मे कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने फुका प्रधानमत्री व् मुख्यमंत्री का पुतला -राकेश शर्मा 

Apr 17, 2018

राकेश शर्मा 

कुरुक्षेत्र (17अप्रैल) राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल जी व राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव के निर्देशानुसार हरियाणा महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुमित्रा चौहान के तत्वावधान में प्रदेश महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष व प्रवक्ता विमला सरोहा की अध्यक्षता में जिला महिला कुरुक्षेत्र ने देश व प्रदेश में महिलाओं व बच्चियों पर बढती बलात्कार की घटनाओं के परिणाम स्वरूप अग्रसेन चौंक पर मोदी और खट्टर का पुतला फूंका गया ।

विमला सरोहा ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार महिलाओं की रक्षा करने में बुरी तरह फैल हुई ,उनका नारा बेटी बचाओ बेटी पढाओ मजाक बन कर रह गया है।जिस प्रकार भाजपा नेताओं के नाम बलात्कारियों में आ रहे है,उससे लगने लगा है कि भाजपा से बेटी बचाओ।सरोहा ने कहा कि सरकार को फास्ट ट्रेक कोर्ट में शीघ्र फैसला हो और दोषियों को कठोर सजा मिले। इस मौके पर दर्शना नांदल,रीना वाल्मीकि, रेखा कश्यप,रेखा वाल्मीकि,निशी गुप्ता,लक्ष्मी, नीलम,सरोज,किरण,रेणु मदान,माया देवी,पवन गर्ग,ओम प्रकाश मेहरा, मेहर सिंह,शमशेर कश्यप,विनोद सेखडी,श्याम चोपड़ा, दर्शन खन्ना,अंकित गर्ग,जिन्दल हाऊस से बलजिन्द्र, अजायब सिंह, मौजूद थे।

Read More

भाजपा की महिला सुरक्षा को लेकर नाकामियों की वजह से मनाया जाएगा काला दिवस-सुमित्रा चौहान

Apr 15, 2018

महिला कांग्रेस ने महिला सुरक्षा के लिए कसी कमर

फेल हुई भाजपा सरकार -सुमित्रा चौहान

 हरियाणा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में  महिला कांग्रेस बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी जिसमें मुख्यता रूप से 17 अप्रैल 2018 को पूरे देश में काला दिवस के रूप में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस द्वारा मनाया जाएगा जिसमें हरियाणा के सभी 22 जिलों के मुख्यालय पर नरेंद्र मोदी एवं मनोहर लाल खट्टर के पुतले जलाए जाएंगे आज महिला कांग्रेस ने निर्णय लिया कि भारतीय जनता पार्टी अंधी गूंगी-बहरी है जिसको ना तो दिखता है कि हमारी बच्चियों की अस्मत रोज लूटी जा रही है ना उनको सुनता है एक बच्ची का कराहता हुआ दर्द और ना ही उनको कुछ दिखता है एक बेटी का दर्द एक बाप का दर्द एक मां का दर्द इसलिए महिला कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि 17 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालय पर महिला कांग्रेस भाजपा के पुतले फूकेंगी इसके साथ-साथ यह भी निर्णय लिया की हरियाणा महिला का लगातार अपराध बढ़े हैं एनसीआरबी के  रिकॉर्ड के आधार पर जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है 4 गुना से ज्यादा  महिला अपराध बढे हैं

महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा चौहान की अध्यक्षता में तथा जोन कोऑर्डिनेटर बिमला सरोहा रंजीता मेहता वंदना पोपली की उपस्तिथि में इसके अलावा जिन मुद्दों पर अहम् निर्णय लिए गए उनमे से  हरियाणा महिला कांग्रेस के लीगल सेल  जिसकी अध्यक्ष महिमा सिंह है उनके द्वारा महिला चौपाल कार्यक्रम का आयोजन  किया जाएगा और एक बड़े स्तर का कार्यक्रम भी लीगल सेल द्वारा आयोजित किया जाएगा जिसमें अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुश्री सुष्मिता देव आएगी और दूसरे प्रांतों के प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा के लीगल सेल के मॉडल की तर्ज पर कानूनी सलाह के लिए दूसरे प्रांतों में भी यह कार्यक्रम शुरू किया जायेगा

इसी तरह  महिला कांग्रेस द्वारा चुने हुए महिला प्रतिनिधि, चुने हुए सरपंच, पंच, जिला पार्षद, काउंसलर, नगर परिषद जिला परिषद चेयरमैन का सम्मेलन किया जाएगा जिसका आयोजन चित्रा सरवारा द्वारा किया जाएगा जो कि अखिल भारतीय महिला कांग्रेस कमेटी की सचिव है इसका आयोजन अंबाला में किया जाएगा एक अन्य कार्यक्रम भी महिला कांग्रेस द्वारा किया जाएगा जोकि नीना राठी  द्वारा किया जाएगा जोकि महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए होगा जिसमें श्री सुष्मिता देव जी भी आएँगी  इसके साथ-साथ मै साहस हूँ  कार्यक्रम की विस्तृत रूप से चर्चा हुई जिसमे निर्णय हुआ कि अगले 15 दिनों में हिसार जोन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जोकि वंदना पोपली हिसार जोन कोऑर्डिनेटर द्वारा किया जायेगा इसके अलावा गुडगाँव जोन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जोकि रंजीता मेहता गुडगाँव जोन कोऑर्डिनेटर द्वारा किया जायेगा बैठक में दो नयी नियुक्ति भी की गयी डॉ नीना राठी को जनरल सेक्रेटरी एडमिनिस्ट्रेशन तथा सुधा भरद्वाज को जनरल सेक्रेटरी आर्गेनाइजेशन पद पर नियुक्त किया गया

Read More

पटना:- सवर्णों के आरक्षण के लिए आगे आए केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान, बोले गरीब सवर्णो को भी आरक्षण मिले

Apr 14, 2018

सी.के.झा की एक रिपोर्ट ।

पटना:-एलजेपी प्रमुख और केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि हम चाहते हैं कि गरीब सवर्णो को भी 10 या 12 प्रतिशत आरक्षण मिले। न्यायपालिका में आरक्षण जरूरी है ये बातें दलित सेना के राष्ट्रीय सम्मेलन में शनिवार को पासवान ने कहा । श्री पासवान ने कहा कि यूपी सीएम रहते मायावती ने एससी-एसटी एक्ट को शिथिल करने का जो आदेश निकाला था, उसके लिए उन्हें दलितों से माफी मांगनी चाहिए। हमारी सरकार सांप्रदायिकता को बर्दाश्त करने वाली नहीं है। दलित सेना के राष्ट्रीय सम्मेलन में शनिवार को पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो दलितों के लिए जितना कर दिया उतना सात जन्म में कोई नहीं कर सकता। मांझी को कहां से कहां तक पहुंचा दिया।कांग्रेस बताये कि अपने शासनकाल में उसने दलितों के लिए क्या किया। एससीएसटी एक्ट भी वीपी सिंह की देन है। नरेन्द्र मोदी ने उसे मजबूत किया। पहले 22 अत्याचार उसके तहत आते थे, मोदी ने बढ़ाकर 47 अत्याचारों को शामिल किया। बिहार में निचली अदालतों में नीतीश कुमार ने आरक्षण की व्यवस्था कर दी है। लेकिन जब तक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में यह व्यवस्था नहीं होगी। दलितों के हक के खिलाफ फैसले आते रहेंगे। उन्होंनें यह भी कहा कि राजद में हिम्मत है तो तेजस्वी यादव को छोड़कर जीतन राम मांझी को सीएम उम्मीदवार घोषित करे।

आरक्षण पर बहस एक साजिश—
केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि आरक्षण पर बहस एक साजिश के तहत की जा रही है। ऐसा करने वाले चाहते हैं कि पिछड़े और दलित इसी में उलझ कर रह जाएं । लोग कहने लगे हैं कि आरक्षण छीन लेंगे। हम कहते हैं कि अभी और लेंगे। उन्होंने कहा कि चाय बेचने वाला पीएम हो सकता है लेकिन वर्तमान व्यवस्था में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जज नहीं हो सकता। हम कोर्ट से आग्रह कर रहे हैं कि ऐसी व्यवस्था करे कि दलित, पिछड़े और गरीब भी वहां पहुंचे। राष्ट्रपति ने भी चिंता जताते हुए कहा है कि न्यायपालिका में महिलाएं 25 प्रतिशत भी नहीं हैं। दलित तो शायद ही अब तक कोई हुआ हो।

दलितों को हक के लिए अब भी संघर्ष करना पड़ रहा है किनके कारण

—-

लोजपा संसदीय बोर्ड के चेयरमैन चिराग पासवान ने कहा कि अब तक देश पर शासन करने वालों ने क्या किया । आजादी के इतने दिनों बाद भी दलितों को हक के लिए संघर्ष की जरूरत पड़ती है तो यह तय करना होगा कि इसके पीछे कौन हैं। मेरे रहते आरक्षण पर आंच भी नहीं आ सकती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आंबेडकर से जुड़े सभी स्थलों को स्मारक घोषित कर उनका विकास किया है ।

Read More

क्या भ्रष्टाचार एक चुनावी जुमला है….कुरूक्षेत्रः- राकेश शर्मा

Apr 10, 2018

राकेश शर्मा

कुरूक्षेत्रः-सरकारे आती है ओर चली जाती है ओर सबका मुददा एक जैसा ही होता है ओर वह है देश प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त करने का ओर नेता चाहे भ्रष्ट ही क्यों ना हो वो भी पूरी जोर शोर से जनता केे बीच इस मुददे काे भुनाने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते है ओर शायद जनता के दिलों में ये बात कही ना कही घर कर जाती है कि शायद ये सरकार अब की बार भ्रष्टचारीयों या फिर भ्रष्टचार को खत्म करके ही दम लेगी ?  लेकिन जब कोई भ्रष्टाचार जनता की पससंदीदा सरकार के राज में होता है तो जनता का मन टुट जाता है ओर कही ना कही उसकों भी लगने लगता है कि भ्रष्टाचार की जडे आज इतनी फैल गई है कि जो नेता बडे बडे मचों से भ्रष्टाचार काे उखाड फेकने की बातें करते है वह उतना आसान नही हैै  जितना जनता काे दिखाया जा रहा है शायद नेताआें काे नही पता या पता हाेने के बाबजूद भी वाे इसे समझना चाहते कि धरातल पर आज आमजन इस भ्रष्टाचार रूपी कोढ़ से कितना त्रस्त ओर दुखी है।

आज देश प्रदेश में ना जाने कितने मामले हर रोज रिशवत ओर भ्रष्ट के हर रोज मीडिया में छाये रहते है और हमसब तक परोसे जाते है लेकिन जो मामले नेताओं ओर बाबुओं के ईद गिर्द हो रहे है वो शायद कभी उजागर नही होते यदि होते भी है तो उनको दबाने के लिए सरकार का पूरा अमला जमला लग जाता है उसको सच साबित करने के लिए हाल ही के दिनों में हरियाणा की राजनीति भी इनी मुददों पर छाई हुई है ओर भ्रष्टाचार की आग से सुलग रही है विपक्ष जहां इस मुददे को बुनाने की कोई कोर कसर नही छोड रही वही पक्ष भी बीच बचाव करता हुआ नजर आ रहा है हरियाणा आज कब सुर्खिया बटोर ले कोई नही जानता पहला मामला कुछ समय पहले का जब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य का नाम पूरी तरह से उछला ओर दुसरा उसी विभाग में कार्यरत कर्मचारीयों द्वारा युवाओं के भविष्य की बोली लगाकर उन्हें नौकरी दिलवाने का है वैसे तो कर्मचारी चयन आयोंग को देसी भाषा में कहे तो ये विभाग है जहां से बेराजगार युवाओं के सपने पूरे होते है ओर इस विभाग पर मुख्यमंत्री तक की पूरी नजर रहती है लेकिन फिर भी इस विभाग में इतनी बडी चूक सरकार की है या फिर बाबुओं की जिन्होने हर पदों के रेट फिक्स किये हुए थे एक नजर डाले तो क्लर्क 4 से 5 लाख रूप्ये, क्लर्क जनरल 10 लाख रूप्ये, ब्रिग आपरेटर 6 लाख, टाईपिंग टेस्ट 7 लाख, कंडक्डर भर्तो 3 लाख, ओर सनेटरी इंस्पेक्टर 5 लाख रूप्ये देकर कोई भी अपनी युवा नौकरी पा सकता ह ैअब सवाल ये उठता है ये सब उस विभाग में चल रहा था जिसकी कमान मुख्यंमत्री के हाथों मे होती है ओर नजर भी अब इन नौकरीयों के नाम पर हुए घोटले से जहां प्रदेश सरकार की किरकरी हो रही है वही मुख्यमंत्री ने भी विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि यदि मै दोषी पाया गया तो कार्रवाई मुझ पर भी बनती है आज युवा से लेकर प्रदेश का हर नागरिक ये जानना चाहता है कि क्या अब भी जो सपने युवाओं के दिखाये गये थे वे सब एक चुनावी जुमला था ओर जो कुछ हो रहा है उसमे प्रदेश के नेताओं का कोई हाथ नही ये क्या ये सब बाबुआें के कारण हो रहा है यदि ये सब हो रहा था तो आलाधिकारीयों के इसकी भनक क्यों नही लगी क्या भ्रष्टाचार एक चुनावी मुददा बन कर रहा गया है ओर इसके आगे सब कुछ झुक जाता है चाहे सरकार हो या फिर प्रसाशन । क्या देश में ईमानदार लोगो या फिर आधिकारीयों की कोई जरूरत नही ओर सरकार 

Read More

कुरुक्षेत्र : अंग्रेजों को सब्जी की खेती सीखा रहे है कुरुक्षेत्र के प्रगतिशील किसान हरबीर-RAKESH SHARMA

Apr 3, 2018

RAKESH SHARMA

कुरुक्षेत्र। 3 अप्रैल राकेश शर्मा शाहबाद के गांव डाडलू निवासी हरबीर सिंह ने रोजगार पाने की खातिर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल की। इस नौजवान का कृषि से कोई लम्बा चौड़ा नाता भी नहीं था। महज दो कनाल की भूमि वाले इस नौजवान के सिर पर एकाएक सब्जी की खेती करने का एक ऐसा जनून सवार हुआ कि आज हरबीर सिंह अपने आपको एक प्रगतिशील किसान के रुप में स्थापित कर चुके है। अहम पहलु यह है कि युवा प्रगतिशील किसान हरबीर सिंह अब अंग्रेजों को सब्जी की खेती करने के गुर सीखा रहे है। इस प्रगतिशील किसान को राज्य सरकार की तरफ से निंरतर प्रोत्साहित किया जा रहा है और सरकार की तमाम योजनाओं का फायदा दिया जा रहा है।

शाहबाद से कुछ किलोमीटर दूर गांव डाडलू में प्रगतिशील किसान हरबीर सिंह ने वर्ष 2005 में 2 कनाल क्षेत्र में सब्जियों की नर्सरी लगाने का एक मात्र प्रयास शुरु किया। हरबीर सिंह के प्रयास पूरे मन के साथ शुरु किए गए थे, इसलिए धीरे-धीरे दो कनाल से आज 14 एकड़ भूमि पर सब्जियों की नर्सरी को स्थापित किया। उनकी नर्सरी की पौध इतनी उत्तम है कि लगभग 8 हजार से ज्यादा किसान सब्जी फार्म हाउस से जुड़े है और सब्जियों की पौध भी खरीदते है। इतना ही नहीं हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, राजस्थान, उतराखंड, बिहार सहित अन्य राज्यों से किसान उनकी पौध को देखने और खरीदने के लिए पहुंचते है। इन राज्यों के साथ-साथ पिछले 2 वर्षो से किसान हरबीर सिंह की पौध की मांग इटली जैसे देशों में भी की जा रही है। प्रगतिशील किसान हरबीर सिंह ने विशेष बातचीत करते हुए बताया कि नर्सरी में सब्जी की पौध की गुणवता पर विशेष फोकस रखा जा रहा है और गुणवता से किसी प्रकार का कोई समझौता भी नहीं है। इस नर्सरी में टपका व फव्वारा सिंचाई तकनीकी को अपनाकर हरी मिर्च, शिमला मिर्च, टमाटर, गोभी, प्याज, बैंगन जैसी सब्जियों के साथ-साथ पपीते के फल की पौध भी तैयार की जा रही है। इस नर्सरी में करीब 200 लोगों को रोजगार के अवसर भी मुहैया करवाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि लगभग 2 एकड़ जमीन पर 150 से ज्यादा किस्मों के विभिन्न मल्टीनेश्रल कम्पनियों के बीज ट्रायल के तौर पर प्रतिवर्ष लगा रहे है। इन बीजों के सफल परीक्षण के पश्खत ही उत्तम पौध किसानों के लिए तैयार की जा रही है। उन्होंने छोटी जोत के किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसानों को लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत से काम करने की जरुरत है।

किन-किन देशों के डेलिगेट सीख रहे है खेती के गुर

हरबीर सिंह के नर्सरी फार्म हाउस पर इंग्लैंड, हालैंड, आफगानिस्तान, इजराईल, बांग्लादेश, नेपाल आदि देशों के डेेलिगेटस पहुंचते है। इन सभी देशों के प्रतिनिधि सब्जी की खेती करने के गुर सीखते है। इसके अलावा हरबीर सिंह के फार्म हाउस पर किसानों को अप टू डेट करने के लिए प्रतिवर्ष 4 से 5 राज्य व जिलास्तरीय सैमिनारों का आयोजन बागवानी विभाग के सहयोग से किया जा रहा है।

कौन-कौन से अवार्ड मिले प्रगतिशील किसान हरबीर सिंह को

प्रगतिशील किसान हरबीर सिंह को वर्ष 2015 में हरियाण को सर्वोतम होर्टिक्लचर का खिताब मिला। इसके पश्चात वर्ष 2017 में एनजीरंगा राष्ट्रीय अवार्ड इंडियन कांसिल ऑफ रिसर्च द्वारा प्रदान किया गया। इतना ही नहीं अभी हाल में ही रोहतक राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन में भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल व कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने भी सम्मानित किया है।

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का शोध केन्द्र बना नर्सरी फार्म हाउस

प्रगतिशील किसान हरबीर सिंह ने खेती में वैज्ञानिक तकनीकों का अपनाया। इस सफलता को अपनी आंखों से देखने के लिए नर्सरी फार्म हाउस पर कृषि विश्वविद्यालयों व कृषि संस्थानों से विद्यार्थी ट्रेनिंग लेने के लिए पहुंचते है। इतना ही नहीं हरबीर सिंह कृषि विश्वविद्यालयों व संस्थानों में बतौर प्रवक्ता के रुप में अपनी सेवाएं दे रहे है।

45 पैसे से लेकर 1.50 पैसा प्रति पौधा 

हरबीर सिंह बताते है कि पौध तैयार करने का उसका कार्य आज काफी बड़े स्तर पर है। जिला में ही नहीं अपितु प्रदेश भर में निजी स्तर पर इतने क्षेत्र में किसी किसान का पौध उत्पादन नहीं है। वर्ष 2015-16 में 48 लाख टमाटर, 32 लाख शिमला मिर्च, 52 लाख मिर्च, 35 लाख गोभी, 682.5 लाख प्याज की पौध का उत्पादन किया। पौध की कीमत 45 पैसा प्रति पौधा से लेकर 1.50 पैसा प्रति पौधा वैरायटी के साथ तय की गई है।

ताइवान में पपीते की मांग 

हरबीर सिंह के हाइटेक फार्म पर हर प्रकार की सब्जी से लेकर फल की पौध तैयार की जाती है। पिछले दो सालों से मिर्च के 20 हजार पौधे इटली भेजे जा रहे हैं तो ताइवान में पपीते के बीजों की अच्छी खासी मांग है। ताइवान में 50 हजार पौधे तैयार कर भेजे जा चुके हैं। 

पहले कीजिए बुकिंग, फिर मिलेगी पौध

हरबीर सिंह बताते है कि उनके फार्म पर हरी मिर्च, शिमला मिर्च, टमाटर, गोभी, प्याज, बैंगन सहित अन्य पौध तैयार की जाती है। उच्च गुणवत्ता की वजह से अन्य राज्यों के किसान उनके फार्म पर आकर पौध खरीदते हैं। बढ़ रही मांग के कारण पौध लेने के लिए तीन दिन पहले बुकिंग करानी पड़ती है। पौध के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले बीज विदेशी और उच्च गुणवत्ता के होते हैं जिसके चलते ही पौध की मांग बढ़ रही है।

Read More

पटना:-भागलपुर जिला में संचालित गरिमा रियल इस्टेट एंड एलाइड लिमिटेड करोड़ों लेकर मार्केट से फरार, सीजेएम कोर्ट में मामला दर्ज

Mar 28, 2018

सी.के.झा की एक रिपोर्ट ।

पटना:-भागलपुर जिला में संचालित गरिमा रियल इस्टेट एंड एलाइड लिमिटेड एवं गरिमा होम्स एंड फर्म के कार्यालय से संबंधित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है । बता दें कि मामला करोड़ों रुपए लेकर गरिमा का चंपत हो जाने का  है । गरिमा रियल इस्टेट एंड एलाइड लिमिटेड एवं गरिमा होम्स एंड फार्म में लाखों करोड़ों रुपए का मामला निवेशकों से जुड़ा है जो मिलना गर्भ में दिखाई दे रहा है । गरिमा पर  पैसा वापसी नहीं होने के कारण कुछ निवेशक सीजेएम कोर्ट भागलपुर की शरण में जाना उचित समझा ।

मामला 2016 से भागलपुर सीजेएम कोर्ट में-

श्री चंद्रानन झा ने परिवाद पत्र दायर 2016 में ही किया है जो मामला गतिशील है । यह मामला श्री चंद्रानंद झा ने गरिमा  द्वारा गबन किए गए करोड़ों रुपए को लेकर दायर किया है जो 2016 में अक्तूवर  का है जिसका केस नंबर 1641/16 के तहत कार्यवाही जारी  है । जानकारी के अनुसार यह केस 19.10. 2016 को दायर किया गया है । जबकि मिली जानकारी से भागलपुर में इसकी शाखा मई 2010 से ही संचालित बताई जाती है एवं बिहार में पटना,हाजीपुर व भागलपुर तीन शाखा ही इनके खुले थे जो वर्तमान समय में सभी बंद है ।

मामला निवेशकों का 12:50 करोड़ का–  

मुकदमा में रियल इस्टेट एण्ड एलाइड लिमिटेड व गरिमा होम्स एंड फार्म के बनवारी लाल कुशवाहा ,शिवराम कुशवाहा , कन्हैया लाल कुशवाहा, बालकिशन कुशवाहा, शोभारानी कुशवाहा , राजेंद्र राजपूत, भीम सिंह कुशवाहा, लज्जाराम कुशवाहा आदि पर किया गया परिवाद में आवेदक ने निवेशकों का 12:50 करोड़ का पेमेंट नहीं करने व तत्काल धोखाधड़ी व गमण का आरोप लगाया है ।  जिसमें श्री झा ने साक्ष्य  सहित कोर्ट में परिवाद दायर किया है । श्री चंद्रानन झा  ने आवेदन में अपने परिवार के भी 4000000 (चालीस लाख) रुपए का निवेश हुआ बताया है । उन्होने केश दायर कर कहा है गरिमा रियल इस्टेट कार्यालय 2015 तक भागलपुर के मनाली चौक स्थित यामहा  शोरुम में चौथवीं फ्लोर पर चल रहा था जो कि 2015 से ही बंद पडा है और शाखा बंद कर कंपनी फरार है ।

गरिमा  का रजिस्ट्रेशन व मुख्य कार्यालय–

गरिमा  का रजिस्ट्रेशन न0-19955,  रजिस्टर्ड कार्यालय- 403 सौरव प्लाजा गोल का मंदिर ,नजदीक सुरुचि होटल ,ग्वालियर (MP) है तथा कारपोरेट कार्यालय- 459 पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया दिल्ली 93 फोन नंबर +91114735468, 4735582 जो निवेशक के एग्रीमेंट में निहित है । इसमें यह भी बताया गया है कि उस समय इस कार्यालय के शाखा प्रबंधक गौरी शंकर झा जो दरभंगा के थे के देखरेख में कार्य संपादन एग्रीमेंट देने व रसीद देने का कार्य होता रहा था । इनके बाद शाखा का कार्यभार प्रबंधक  मनोज कुमार पटना निवासी ने संभाल रखा था । मिली जानकारी से 2015 तक मनोज ने ही शाखा का वर्तमान कार्य प्रभारी रहे । इन  दिनों शाखा से कुछ प्लान का कुछ निवेशकों का मैच्योरिटी भी प्राप्त हुआ था । इसके बाद और मैच्योरिटी करने से पहले ही गरिमा का कार्यालय बन्द हो गया । इसी मैच्योरिटी को लेकर अशोक चौधरी,राजेश चौरसिया,अमन खान के साथ आवेदक चंद्रानन झा भी दिल्ली मुख्यालय में कंपनी के प्रबंधन से कई बार मिलने भी गए लेकिन कार्य सिफर रहा । श्री झा ने कहा कि हमलोगों के मुख्यालय में प्रबंधन के साथ 2-3 मुलाकात के बाद  प्रबंधन द्वारा 5200000 (बाबन लाख) का चेक भी  दिया गया , जिसे निवेशक के बेंकों में अपने खाता में डालने के बाद बाॅन्स हो गया। मिली जानकारी के अनुसार बालकिशन  कुशवाहा धौलपुर राजस्थान से बसपा के विधायक भी रहे हैं जो अभी हत्या के मामले में जेल में हैं । बतादें कि उपरोक्त आरोपियों में से शोभारानी कुशवाहा भी अभी वर्तमान में बीजेपी की विधायक हैं । श्री झा का कहना है कि इस प्रकार के कम्पनी के संचालक राजनीतिक जीवन से जुड़कर अपने को निवेशकों से बचने का रास्ता ढूंढकर चंपत होने से बाज तक नहीं आते । इनका कहना है कि ये लोग  इसी राजनीति के पहुँच के बदौलत निवेशकों के चंगुल से निकल कानून को धता बताने से भी नहीं चूकते । जरूरत है सरकार व कानून के सिपाहियों से ऐसे लोगों से निवेशकों को कानूनन न्याय दिलवाने की ।

परिवाद में गवाह—

इस प्रकरण में साक्षी के रूप में अशोक चौधरी,राजेश कुमार चौरसिया, मो0 अमन खान,मो0 फकरूद्दीन उर्फ फेकू ,कैलाश शर्मा आदि का नाम वर्णित है । जिसमें कुछ का गवाही व बयां भी लिखित रूप से कोर्ट ने लिया है ।

गरिमा रियल इस्टेट एण्ड एलाइड लिमिटेड  व गरिमा होम्स एंड फर्म में  लगभग 125000000 (साढे बारह करोड़) लाख रुपये का मामला  निवेशकों से जुड़ा है ।

कोर्ट ने लगाया सुसंगत धारा—-

इस मामले में कोर्ट ने मुख्य रूप से धारा 406 ,420 467, 468, 476, 120 बी /34 भा0स0वि0 के अंतर्गत प्रथम दृष्टया दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर आरोपियों को नोटिस भी किया है ।

लगभग आधा दर्जन जिले के निवेश डूबे–

हजारों निवेशकों का भागलपुर जिले में उस समय स्थित इस कार्यालय में लगभग आधा दर्जन जिलों से जमा करोड़ों का निवेश हुआ था  जिसमें भागलपुर,कटिहार, पूर्णिया, सहरसा ,मधेपुरा, खगड़िया आदि जिले का निवेशक है ।

निवेशकों की मांग निवेश की रकम वापस हो-

निवेशकों की मांग है कि हम लोगों का  जल्द से जल्द सरकार निवेश किये रूपये वापस दिलवाने हेतू सहयोग करें ।

निवेशक अशोक चौधरी, राजेश कुमार चौरसिया,  मोहम्मद अमन खान, मोहम्मद फखरुद्दीन उर्दू फेकू, राजीव रंजन ठाकुर, पवन कुमार ,वीरेंद्र कुमार ,अमन आर्या, मो0 नियामत आलम ,रीना झा ,राजकिशोर कुंवर, सिंटु ठाकुर,विजय कुमार झा, देवेंद्र कुमार सिंह ,घोलट झा, अमोद कुमार झा ,चंदन कुमार झा आदि ने प्रशासन से मांग की है कि हजारों निवेशकों का जमा धन वापस करने की पहल में सरकार व प्रशासन सहयोग करें जिससे कड़ोड़ों निवेश  किये गये पैसे को वापस दिलवाये जाने में मदद मिल सके ।

Read More

भगवान के घर हुई चोरी,तो इंसान तो क्या चीज है ,महेश्वर हनुमान मंदिर से 2 चांदी के छत्र चोरी-RAKESH SHARMA राकेश शर्मा

Mar 27, 2018

राकेश शर्मा

कुरुक्षेत्र, 27 मार्च  : सैक्टर 13 स्थित श्री महेश्वर हनुमान मंदिर में बीती रात अज्ञात चोरों ने 2 चांदी के छत्र चुरा लिए। मंदिर के पुजारी पवन भारद्वाज ने थाना शहर थानेसर में दी शिकायत में बताया कि  गत रात्रि 9 बजे उन्होंने पूजा पाठ करके मंदिर के दरवाजों पर ताले लगा दिए थे। मंगलवार सुबह 5 बजे जब मंदिर खोला तो, हनुमान मूर्ति के ऊपर लगा छत्र गायब मिला, साथ ही उन्होंने मां दुर्गा मंदिर में देखा कि यहां भी 800 ग्राम वजनी चांदी का छत्र गायब है। पुजारी ने घटना की जानकारी तुरंत मंदिर कमेटी के सरंक्षक ओम प्रकाश खुराना और प्रधान भाग शाह को दी। सुबह फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट जगजीत सिंह टीम सहित और थाना शहर थानेसर के एसआई राजेश्वर ने घटना स्थल का जायजा लिया। चोरी घटना स्थल पर बारीकी से जांच की गई। वहां पर एक गले की चैन मिली ।

दरवाजे, खिड़कियों और मंदिर की ग्रिलों से फिंगर प्रिंट लिए गए। चोरी हुए दोनों छत्रों का वजन लगभग 2 किलों ग्राम है, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग सवा लाख बताया गया। मंदिर के दांए और बांए ओर महज 10-10 कदम की दूरी पर थाना शहर थानेसर और आर्थिक अपराध शाख है, बावजूद इसके चोरों के हौेंसले इस कदर बुलंद है कि मंगलवार सुबह ही हनुमान जी पर भारी पड़ गया। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व देवीकूप भद्रकाली मंदिर से भी एक चांदी का छत्र चोरी हो गया था। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है। 

Read More

पटना:-सम्पादकीय:-(पत्रकारिता विशेष) इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्मार्टफोन के दम पर तीसरी आजादी की ओर चौथा स्तंभ

Mar 20, 2018

सी.के.झा की कलम से एक रिपोर्ट ।

                     सम्पादकीय

                 (पत्रकारिता विशेष)

पटना:- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्मार्ट फोन के दम पर पत्रकारिता तीसरी आजादी की ओर तेजी से बढ़ रही है हालांकि यह बदलाव प्रिंट मीडिया के लिए परेशानी का कारण जरूर है लेकिन तकनीकें बदलती है तो तकदीरें भी बदलती ही हैं. कभी अखबार ट्रेडल पर छपा करते थे, फिर  सिलेंडर आफसेट मशीन पर आ गए तो ब्लैक एंड व्हाईट, फोटो ब्लॉक से सेपरेट कलर से लेकर मिक्स कलर तक का सफर ऐसे ही तय नही किया है. प्रिंट मीडिया में इन बदलावों के दौरान भी कई बेरोजगार हुए तो कइयों का कैरियर खत्म हो गया. जब कंप्यूटर युग शुरू हुआ तो कई वरिष्ठ पत्रकार, पत्रकारिता की मुख्यधारा से ही अलग हो गए. 

करवट लेते तकनीक में हुंकार भरा  पत्रकारिता —

अब तकनीक फिर करवट ले रही है. यह अच्छे पत्रकारों के लिए यकीनन एक सुखद बदलाव है. क्योंकि यह पत्रकारिता को तीसरी आजादी की ओर ले जा रही है. बीसवीं सदी के पूर्वार्ध में पत्रकारिता का उदय हुआ तथा आजादी से पहले और बाद में कई अखबार निकले जो कॉर्पोरेट आधार पर नहीं, कलम के आधार पर जाने-पहचाने जाते थे.

अखबारों का संघर्ष व उनकी तस्वीर पर एक नजर—

आजादी से पहले इन अखबारों ने बड़ा संघर्ष किया क्योंकि अंग्रेजों ने कई नियम लाद रखे थे, दुर्भाग्य से आज भी प्रेस एक्ट उसी जमाने के नियमों की सजावटी फोटोकॉपी है. उस युग की तस्वीर की कल्पना केवल इससे की जा सकती है कि आजाद बांसवाड़ा के पहले प्रधानमंत्री प्रसिद्ध पत्रकार भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी को अखबार पढ़ने के जुर्म में सजा दी गई थी. देश आजाद हुआ तो पत्रकारिता को पहली आजादी मिली. आजादी के बाद के तीन दशक पत्रकारिता का स्वर्णयुग था. लेकिन इसके बाद सातवें दशक में आपातकाल ने एक बार फिर पत्रकारिता को गुलाम बना लिया. अखबारों की स्थिति सरकारी प्रेसनोट जैसी हो गई लेकिन समय बदला और पत्रकारिता को दूसरी आजादी मिली.

कलम की ताकत से पत्रकार की पहचान तक का सफर–

इंडियन एक्सप्रेस, जनसत्ता, नवभारत टाइम्स जैसे अखबारों ने एक बार फिर कलम की ताकत दुनिया को दिखाई लेकिन आठवें दशक के बाद जाने-अनजाने पत्रकारिता फिर कमजोर पडने लगी. एक ओर जहां सरकारी लाभ के घोषित/अघोषित नियमों ने अच्छे-अच्छे अखबारों को फाइल कॉपी तक पहुंचा दिया वहीं बाजार के दबाव में बड़े-बड़े अखबार सजावटी होते चले गए. कलम की ताकत से पहचाने जानेवाले पत्रकार की पहचान बड़ी कार हो गई. 

इंटरनेट की बढ़ती ताकत पत्रकारिता तेजी से तीसरी आजादी की ओर—-

इस दौरान इलैक्ट्रॉनिक मीडिया भी आया लेकिन उसके भी भारी भरकम खर्चे बाजार पर ही निर्भर रहे इसलिए वहां भी पत्रकारिता सजावटी ही बनी रही. कभी कलम पत्रकारों की तलवार होती थी लेकिन नई एक्कीसवीं सदी में तलवार की जगह म्यांन थमा दी गई. चाहे जितना लड़ो, चाहे जितना लिखो. नुकसान कुछ नहीं होना है, नतीजा कुछ नहीं निकलना है. लेकिन अब स्मार्ट फोन और इंटरनेट की बढ़ती ताकत पत्रकारिता को तेजी से तीसरी आजादी की ओर ले जा रही है. इस बीच कई सवाल खड़े हो गए हैं कि इसका व्यावसायिक ढांचा क्या है? फायदा क्या है? यकीनन प्रिंट और इलैक्ट्रानिक मीडिया के करोड़ों की कमाई के मुकाबले इसकी कुछ भी कमाई नहीं है लेकिन सवाल यह है कि पत्रकारिता व्यवसाय कब थी? इसे तो व्यवसाय बना दिया गया है.

हां, जहां तक इसकी ताकत की बात है तो आनेवाला समय दिखाएगा कि अच्छे पत्रकारों की कलम में फिर जान आ रही है. पत्रकारिता का स्वर्णयुग लौट रहा है.

Read More