All for Joomla All for Webmasters

किशनगंज:-150 बोतल नेपाली शराब जब्त,तस्कर फरार

Jun 1, 2018

विजय कुमार साह की एक रिपोर्ट ।

किशनगंज-टेढ़ागाछ  52 वी  बटालियन एसएसबी भारत नेपाल सीमा पर मुरारी केम्प के एसएसबी जवानों ने भारत-नेपाल सीमा पीलर संख्या 162/01 के नजदीक 52 वीं बटालियन एसएसबी जवानों ने रात्रि 3:00 बजे  के करीब नाका पेट्रोलिंग कर रहे थे !तभी एक आदमी माथे पर बोरा लादकर नेपाल की और से आरहे थे!जवानों को देखते ही तस्कर बोरा छोड़कर नेपाल की ओर भाग गए, जवानो दौरा जब बोरा खोलकर देखा गया, तो बोरा मे नेपाली ब्रान्ड की 150 बोतल  शराब मिला ! 52 बटालियन केम्प इंर्चाज राजेश कुमार ने बताया के तस्कर खुली सीमा अँधेरे का फायदा उठाकर तस्कर बोरा छोड़कर नेपाल की ओर भाग ने मे कामयाब रहा, 150 बोतल शराब नाका पेट्रोलिंग के दौरान बोडर के पीलर संख्या 162/ के नजदीक जप्त की गई है, ज्बत शराब को कागजी प्रक्रिया के बाद सिकटी थाना के हवाले किया गया है!

पेट्रोलिंग अभियान में मुख्य आरक्षी रंजीत सिंह, नवीन, आनंद, संतोष, प्रदीप जवान शामिल थे!

Read More

नौबतपुर (पटना):-नौबतपुर में शिक्षक की  हत्या , मौके पर पहुंची पुलिस

May 31, 2018

राकेश कुमार तिवारी की एक रिपोर्ट ।

■ खैरा मीडिल स्कूल के टीचर थे कृष्णा यादव

नौबतपुर (पटना)-राजधानी जिले के नौबतपुर में एक शिक्षक की हत्या कर दिया गया हैं । पुलिस शव को बरामद कर लिया हैं और मामले की छानबीन में जुट गयी है । मृतक शिक्षक की पहचान कृष्णा यादव के रूप में हुई हैं । नौबतपुर थाने के खजुरी पंचायत के करदाहा गांव के बधार में एक शव मिला।

ग्रामीणों ने जब शव को देखा तो हल्ला कनने लगा। मृतक की पहचान कृष्णा यादव के रूप में हुई हैं । कृष्णा यादव के बारे में बताया जाता है की वह खैरा मीडिल स्कूल के टीचर थे। सूचना पाकर नौबतपुर पुलिस मौके वारदात पर पहुंच चुकी हैं और शव को बरामद कर मामले की छानबीन में जुटी हैं ।शिक्षक का शव अर्धनंग्न स्थिति में पाया गया हैं । घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका हैं । बुधवार की देर हुई शिक्षक की हत्या ने क्षेत्र में सनसनी फैला दिया हैं ।

ऐसा अनुमान लगाया जा रहा हैं की घटना आपसी विवाद को लेकर हुआ हैं । सुबह तक सारा मामला स्पष्ट हो जाने की संभावना है ।

Read More

देश बदलना है तो देना होगा युवओ को सम्मान-इडिया न्यूज लाइव डाट नेट की एक रिपोर्ट

May 26, 2018

इडिया न्यूज लाइव डाट नेट की एक रिपोर्ट

” भारत एक युवा देश है। इतना ही नहीं ए बल्कि युवाओं के मामले में हम विश्व में सबसे समृद्ध देश हैं। यानि दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा युवा हमारे देश में हैं। भारत सरकार की यूथ इन इंडियाए2017 की रिपोर्ट के अनुसार देश में 1971 से 2011 के बीच युवाओं की आबादी में 34.8 की वृद्धि हुई है। बता दिया जाए कि इस रिपोर्ट में 15 से 33 वर्ष तक के लोगों को युवा माना गया है ” इस रिपोर्ट के मुताबिकए 2030 तक एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश चीन में युवाओं की संख्या जहां कुल आबादी की 22.31 होगी और जापान में यह 20.10 होगीए भारत में यह आंकड़ा सबसे अधिक 32.26  होगा। यानी भारत अपने भविष्य के उस सुनहरे दौर के करीब है जहाँ उसकी अर्थव्यवस्था नई ऊँचाईयों को छू सकती है। लेकिन जब हम युवाओं के सहारे देश की अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने की बात करते हैं तो इस बात को समझना आवश्यक है किए युवा होना केवल जिंदगी में जवानी का एक दौर नहीं होता जिसे आंकड़ों में शामिल करके गर्व किया जाए। यह महज उम्र की बात नहीं होती। यह विषय उस से कहीं अधिक होता है।
यह विषय होता है असीमित सम्भावनाओं का।
यह विषय होता है सृजनात्मकता का।
यह विषय होता है कल्पनाओं की उड़ान का।
यह विषय होता है उत्सुकता का।
यह विषय होता है उतावलेपन के दौर का।
यह समय होता है ऊर्जा से भरपूर होने का।
यह समय होता है सपनों को देखने और उन्हें पूरा करने का।
यह दौर होता है हिम्मत।
कहा जा सकता है कि युवा या यूथ चिड़िया के उस नन्हे से बच्चे के समान है जो अभी अभी अपने अण्डे को तोड़कर बाहर निकला है और अपने छोटे छोटे पंखों को फैलाकर उम्मीद और आजादी के खुले आकाश में उड़ने को बेकरार है।
यह बात सही है कि किसी भी देश के युवाओं की तरह हमारे देश के युवाओं में भी वो शक्ति है कि वो भारत को एक विकासशील देश से बदलकर एक विकसित देश की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दें।
इस देश से आतंकवाद और दहेज जैसी समस्याओं को जड़ से मिटा दे।
लेकिन जब हम बात करते हैं कि हमारे युवा देश को बदल सकते हैं तो क्या हम यह भी सोचते हैं कि वो कौन सा युवा है जो देश बदलेगा
वो युवा जो रोजगार के लिए दर दर भटक रहा है
वो युवा जिसकी प्रतिभा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है
वो युवा जो वंशवाद का मुखौटा ओढ़कर स्वयं को एक विकल्प के रूप में प्रस्तुत करता है
वो युवा जो देश में अपनी प्रतिभा को उचित सम्मान न मिलने पर विदेशी कंपनियों में नौकरी कर देश छोड़कर चले जाने के लिए विवश हैं
वो युवा जिसके हाथों में ड्ग्रिियाँ तो हैं लेकिन विषय से संबंधित व्यवहारिक ज्ञान का सर्वथा अभाव है
वे साक्षर तो हैं शिक्षित नहीं
शिक्षित तो छोड़िए संस्कारित भी नहीं
या वो युवा जो कभी तीन माह की तो कभी तीन साल की बच्ची तो कभी निर्भया के बलात्कार में लिप्त है
वो युवा जो आज इंटरनेट और सोशल मीडिया साइट्स की गिरफ्त में हैघ्
या फिर वो युवा जो कालेज कैम्पस में किसी राजनैतिक दल के हाथों का मोहरा भर है
तो फिर कौन सा युवा देश बदलेगा
इसका जवाब यह है कि परिस्थितियां बदलने का इंतजार करने के बजाए हम स्वयं पहल करें।
अगर हम चाहते हैं कि युवा इस देश को बदले तो पहले हमें खुद को बदलना होगा।
हम युवाओं का भविष्य तो नहीं बना सकते लेकिन भविष्य के लिए युवाओं को तैयार तो कर ही सकते हैं।
हमें उन्हें सही मायनों में शिक्षित करना होगा।
उनका ज्ञान जो किताबों के अक्षरों तक सीमित है उसे व्यवहारिक ज्ञान की सीमाओं तक लाना होगा।
उसे वो शिक्षित युवा बनाना होगा जो नौकरी देने वाला उद्यमी बनेए एक एन्टरप्रेन्योर बने न कि नौकरी ढूंढने वाला एक बेरोजगार।
उन्हें शिक्षित ही नहीं संस्कारित भी करना होगा।
उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ना होगा।
पैसों से ज्यादा उन पर समय खर्च करना होगा।
उन्हें प्रेम तो हम देते हैं सम्मान भी देना होगा।
हमें उन युवाओं का निर्माण करना होगा जो देश के सहारे खुद आगे जाने के बजाय अपने सहारे देश को आगे ले जाने में यकीन करते हों।
हमें सम्मान करना होगा उस युवा का जो सड़क किनारे किसी बहते हुए नल को देखकर चुपचाप निकल जाने के बजाय उसे बन्द करने की पहल करता है।
हमें आदर करना होगा उस युवा का जो कचरा फेंकने के लिए कूड़ादान ढूँढता है लेकिन सड़क पर कहीं पर भी नहीं फेंक देता।
हमें अभिवादन करना होगा उस युवा का जो भ्रष्टाचार के आगे घुटने टेकने के बजाय लड़ना पसंद करता है।
हमें समादर करना होगा उस युवा का जो दहेज लेने से इंकार कर देता है।
हमें इज्ज़त देनी होगी उस युवा को जो महिलाओं का सम्मान करना जानता हो उनका बलात्कार नहीं।
हमें सत्कार करना होगा उस युवा का जो फूलों का बगीचा लगाने में विश्वास करता है फूल तोड़ने में नहीं।

और यह हर्ष का विषय है कि ऐसे युवा हमारे देश मेंए हमारे समाज मेंएहमारे आसपास हमारे बीच आज भी हैंए बहुत हैं। आज जब हमारा सामना ऐसे किसी युवा से होता है तो हम मन ही मन में उसकी प्रशंसा करते हैं और निकल जाते हैं। अब जरूरत है उन्हें ढूंढने की और सम्मानित करने की। आवश्यकता है ऐसे युवाओं को प्रोत्साहित करने की।एक समाज के रूप मेंए एक संस्था के रूप में  ऐसे युवाओं को जब देश में सम्मान मिलेगाए पहचान मिलेगीए इन्हें शेष युवाओं के सामने यूथ आइकान और रोल मोडल बनाकर प्रस्तुत किया जाएगाए तो न सिर्फ यह इसी राह पर डटे रहने के लिए उत्साहित होंगे बल्कि देश के शेष युवाओं को उन की सोच को एक लक्षय मिलेगा एक दिशा मिलेगी। जब हमारे देश के युवा सही दिशा सही और लक्षय पर चल निकलेंगे तो सही मायनों में यह कहा जा सकता है कि आने वाला कल भारत का ही होगा।
                                                                                                                                                                          डॉ नीलम महेंद्र

Read More

पटना:- हमें हमारी एक दूसरे को नीचा दिखाने की सोंच से बाहर आना होगा, हमें पत्रकारों की सहायता हेतू आगे आना होगा:- राकेश कुमार गुप्ता

May 19, 2018

सी.के.झाकी एक रिपोर्ट ।

पटना:- हम अपने कर्तव्यों के प्रति आखिर इतने उदासीन क्यों हैं ? कहीं हम झुठे अहंकार के शिकार तो नही हैं ? ये प्रश्न भी वाहे बगाहे मेरे मन में कौंधता है । आखिर हम पलासी युध्द के मूकदर्शक छवि की भूमिका में क्यों हैं? हम अपने लोगों की सहायता में योगदान देने से कतराते क्यों हैं ? क्या हमारी दृढ इच्छा शक्ति का क्षरण हो चुका है ? ये बहुत से सवाल हमारे सामने खड़े हैं।हमें हर हाल में इन प्रश्नों के उत्तर ढूंढ़ने होंगे । हमें हमारी एक दूसरे को नीचा दिखाने की सोंच से बाहर आना होगा ।

उक्त बातें नेशनल जर्नलिस्ट एसोसियेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने कही। उन्होंने कहा कि चरित्र रावण का भी था कि अपने अहंकार में अपने बंधु-बांधवों को बलि बेदी पे चढ़ा कर खुद भी मौत की आगोश में चला गया।चरित्र पांडवों का भी था कि एक दूसरे के प्रति समर्पित रह कर कम संख्या रहते हुए भी विजयी रहा।राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि बिहार में पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर एक अभियान चलाया जा रहा है।संगठन ने निर्णय लिया है कि बिहार में एक राष्ट्रीय अधिवेशन हो और हम अपनी मांग बिहार सरकार के सामने रखें । “नेशनल जर्नलिस्ट एसोसियेशन ”पत्रकारों को स्वतंत्रता से कार्य करने का संपुर्ण भरोसा दिलाता है । चाहे आप किसी भी संगठन अथवा गैर संगठनवादी हो, झिझकने की आवश्यकता बिल्कुल नहीं है । आप स्वतंत्र हैं ,यहाँ नि:शुल्क नाम पंजीकृत करवाने के लिए ।क्योंकि हमारा मकसद है एक ही छत्रछाया हो पत्रकारिता जगत की ,जिससे कोई बाल बांका ना कर सके ,कोई शोषण ना कर सके , हमारे जांबाज पत्रकार योद्धाओं का। बिहार हो या उत्तर प्रदेश या फिर दिल्ली।हमारा संगठन दिल खोल कर पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने का काम किया है। श्री गुप्ता ने कहा कि हमारे संगठन का उद्देश्य पत्रकारों के हितार्थ-सुरक्षार्थ पत्रकार सुरक्षा कानून बनवाना है। जिससे हमारा पत्रकार परिवार पूर्ण रूप से सुरक्षित रहें एवम् स्वतन्त्र अभिव्यक्ति में किसी प्रकार की बाधा ना आये।

राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रताड़ित पत्रकारों की आवाज हम बुलन्द कर रहे हैं और करते रहेंगे। कार्यवाही हेतु मुख्यमंत्री,डीजीपी डीआईजी,आईजी,सांसद तक को संगठन के स्तर से पत्र लिखकर उन्हें न्याय दिलाया जा रहा है। हम लगातार अपने संगठन की ओर से पत्रकारों की आवाज बन कर उभर रहे हैं। मधेपुरा के उदय कुमार,गौरव ठाकुर, खगड़िया के राजेश कुमार सिन्हा, पूर्णिया के मनोज कुमार मिश्रा, कटिहार के भाई संजीव गुप्ता,यूपी के रमेश ठाकुर, रायबरेली के मनीष शुक्ल,मुंगेर के कई मित्रों के साथ स्थानीय प्रशासन,दबंगो द्वारा प्रताड़ित किया गया।जिसका हमारी संगठन ने विरोध दर्ज कर धरना प्रदर्शन किया। लगातार अपनी आवाज को बुलंद की और पत्रकार बंधुओं को न्याय दिलाया गया।

नेशनल जर्नलिस्ट एसोसियेशन के राष्ट्रीय महासचिव संजय कुमार सुमन ने कहा कि आए दिन पत्रकारों पे अपराधियों के द्वारा हमले हो रहे हैं तो कहीं प्रसाशन के द्वारा पत्रकारों के कलम को रोकने के लिए फर्जी मुकद्दमे किए जा रहें हैं।देश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो नेशनल जर्नलिस्ट एसोसियेशन ने समस्त भारत में अभियान छेड़ा है। आज हम सब इस सच्चाई से भली भांति परिचित हैं कि शासन -प्रशासन में बैठे लोग पत्रकारों के साथ किस तरह के व्यवहार कर रहे हैं ।अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि आए दिन कोई न कोई पत्रकार उनका शिकार हो रहा है। राष्ट्रीय महासचिव श्रीसुमन ने कहा कि देश मे हो रही पत्रकारों की हत्याएं और पत्रकार उत्पीड़न को देखते हुए हमने और हमारे साथियो के साथ इस संगठन की नींव रखी थीं, जिसको पुरे देश से भरपूर समर्थन मिल रहा है। आज एक बड़ी ताकत के रूप में हमारी पहचान बन गई हैं। हमारी लड़ाई सिर्फ पत्रकारों को सुविधा दिलाने के लिए नहीं हैं बल्कि हम पत्रकारों का मनोबल बढाकर उसके सम्मान और सुरक्षा के लिए एक आंदोलन के रूप में खड़े हुए हैं और इनके पीछे हमारी मंशा लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाकर देश को ओर मजबूती प्रदान करने की हैं।श्री सुमन ने कहा कि आज के दौर में जब पत्रकारिता कॉर्पोरेट की दासी बनकर रह गई है। उनको हम फिर भारत माता की सरताज बनाना चाहते हैं। एक पत्रकार ही हैं जो अपने कर्तव्यों का वहन करते हुए इस राष्ट्र को उन्नत बना सकता हैं। हमें फिर से आज़ादी के दौर वाले भगत सिंह और गांधीजी जैसे पत्रकारों को इस पवित्र धरती पर पैदा करना हैं।

आज की सरकाऱे पत्रकारों की आज़ादी की पक्षघर नहीं है इसलिए हमें उनसे संघर्ष करके हमारा अधिकार प्राप्त करना पड़ेगा।

Read More

पटना:- सवर्णों के आरक्षण के लिए आगे आए केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान, बोले गरीब सवर्णो को भी आरक्षण मिले

Apr 14, 2018

सी.के.झा की एक रिपोर्ट ।

पटना:-एलजेपी प्रमुख और केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि हम चाहते हैं कि गरीब सवर्णो को भी 10 या 12 प्रतिशत आरक्षण मिले। न्यायपालिका में आरक्षण जरूरी है ये बातें दलित सेना के राष्ट्रीय सम्मेलन में शनिवार को पासवान ने कहा । श्री पासवान ने कहा कि यूपी सीएम रहते मायावती ने एससी-एसटी एक्ट को शिथिल करने का जो आदेश निकाला था, उसके लिए उन्हें दलितों से माफी मांगनी चाहिए। हमारी सरकार सांप्रदायिकता को बर्दाश्त करने वाली नहीं है। दलित सेना के राष्ट्रीय सम्मेलन में शनिवार को पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो दलितों के लिए जितना कर दिया उतना सात जन्म में कोई नहीं कर सकता। मांझी को कहां से कहां तक पहुंचा दिया।कांग्रेस बताये कि अपने शासनकाल में उसने दलितों के लिए क्या किया। एससीएसटी एक्ट भी वीपी सिंह की देन है। नरेन्द्र मोदी ने उसे मजबूत किया। पहले 22 अत्याचार उसके तहत आते थे, मोदी ने बढ़ाकर 47 अत्याचारों को शामिल किया। बिहार में निचली अदालतों में नीतीश कुमार ने आरक्षण की व्यवस्था कर दी है। लेकिन जब तक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में यह व्यवस्था नहीं होगी। दलितों के हक के खिलाफ फैसले आते रहेंगे। उन्होंनें यह भी कहा कि राजद में हिम्मत है तो तेजस्वी यादव को छोड़कर जीतन राम मांझी को सीएम उम्मीदवार घोषित करे।

आरक्षण पर बहस एक साजिश—
केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि आरक्षण पर बहस एक साजिश के तहत की जा रही है। ऐसा करने वाले चाहते हैं कि पिछड़े और दलित इसी में उलझ कर रह जाएं । लोग कहने लगे हैं कि आरक्षण छीन लेंगे। हम कहते हैं कि अभी और लेंगे। उन्होंने कहा कि चाय बेचने वाला पीएम हो सकता है लेकिन वर्तमान व्यवस्था में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जज नहीं हो सकता। हम कोर्ट से आग्रह कर रहे हैं कि ऐसी व्यवस्था करे कि दलित, पिछड़े और गरीब भी वहां पहुंचे। राष्ट्रपति ने भी चिंता जताते हुए कहा है कि न्यायपालिका में महिलाएं 25 प्रतिशत भी नहीं हैं। दलित तो शायद ही अब तक कोई हुआ हो।

दलितों को हक के लिए अब भी संघर्ष करना पड़ रहा है किनके कारण

—-

लोजपा संसदीय बोर्ड के चेयरमैन चिराग पासवान ने कहा कि अब तक देश पर शासन करने वालों ने क्या किया । आजादी के इतने दिनों बाद भी दलितों को हक के लिए संघर्ष की जरूरत पड़ती है तो यह तय करना होगा कि इसके पीछे कौन हैं। मेरे रहते आरक्षण पर आंच भी नहीं आ सकती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आंबेडकर से जुड़े सभी स्थलों को स्मारक घोषित कर उनका विकास किया है ।

Read More

सुपौल:- नशे में तथा शोर-शराबा एवं हंगामा मचा रहे युवक भेजे गये जेल

Mar 29, 2018

अरूण कुमार झा की एक रिपोर्ट ।

सुपौल:-आज सुबह सदर थाना के पुलिस निरीक्षक हरेन्द्र  मिश्र ने रात्रि गस्ती के क्रम में दिनांक 29 /3 2018 को 4:00 बजे सुचना देते बताया कि एक व्यक्ति ग्राम सिमरा में शराब के नशे में काफी शोरगुल एवं हंगामा मचा रहा है ।  सशस्त्र बल के साथ जब सिमरा वार्ड नंबर 12 सूचना के आधार पर जीवन सादा के घर पर पहुंचे तो देखा कि  व्यक्ति जो काफी नशे में तथा शोर शराबा एवं हंगामा मचा रहा था ।

देखा कि पूर्व से ही वहां काफी लोग इकट्ठे थे उन्होंने सस्त्र बल के सहयोग से  ग्राम सिमरा में शराब के नशे में काफी शोरगुल एवं हंगामा मचा रहा रहे  मनोज सादा पिता नथुनी सादा गम्हरिया जिला मधेपुरा को गिराफ्तार करवाया । नशेरी युवक को प्रशासन गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा ।

Read More

वैशाली:- बिदुपुर रामनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय में फांसी के फंदे पर झूलता शव को पुलिस ने किया बरामद

Mar 28, 2018

प्रेम कुमार की एक रिपोर्ट ।

बिदूपुर(वैशाली)-बिदूपुर थाना क्षेत्र के स्थानीय बिदुपुर बाजार रामनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय के समीप उस वक्त अफरा-तफरी मच गयी। जब विद्यालय के मैदान में बुधवार की सुबह करीब 8:00 बजे क्रिकेट खेल रहे बच्चों की बॉल विद्यालय की दो मंजिले छत पर चली गयी जिसे उतारने के दरम्यान बच्चे की नजर विद्यालय के छत पर गई तो देखा की छत की सेलिंग हूक से फाँसी पर लटका युवक मृत अवस्था में है।

इसकी खबर ग्रामीण क्षेत्रों में आग की तरह चारो तरफ तेजी से फैल गयी।हजारो की संख्या में शव देखने वाले की तात्ता लगा रहा।इसकी सूचना बिदूपुर थाने को दी गई।सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रितेश कुमार मंडल, गजेंद्र प्रसाद सिंह पुलिस दलबल के साथ उक्त घटनास्थल पर पहुंचकर लटके शव कब्जे में लेकर कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया। इस मामले में थानाध्यक्ष रितेश कुमार मण्डल ने बताया की मृतक  युवक हाई स्कूल के निकट के नागेश्वर राय का नाती विकास उर्फ जोंटी था।उन्होंने बताया की  शहदेई निवासी शम्भू राय का पुत्र था।

मृतक की मा भी तीन वर्ष पूर्व में ही खुदकुशी कर ली थी,वही उसके पिता द्वारा दूसरी शादी कर लेने की बात भी उजागर हुआ है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रेम प्रसंग के सम्बन्ध में छानबीन किये जाने की बात आयी है और वही पिता द्वारा दूसरी शादी रचाने के बाद युवक फ्रॉस्टेड रहता था।वही ननिहाल वाले परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल हो गया।

पुलिस कई बिंदुओं पर छानबीन कर रही है उन्होंने बताया की छानबीन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी अब तक शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर हॉस्पिटल हाजीपुर भेज दिया  गया है।

Read More

मोतिहारी(पू.च) :- एसपीजी सुरक्षा घेरे में होगी पीएम मोदी का प्रोग्राम, स्वच्छाग्रही सहित चिन्हित लोग ही होंगे शामिल :- डीएम

Mar 28, 2018

ब्यूरो चीफ पुर्वी चम्पारण कुबेर पाण्डेय “अभिनंदन” की एक रिपोर्ट ।

मोतिहारी(पू.च) :- आगामी 10 अप्रैल को संध्या में लगभग 4 से 6 बजे तक 20 हजार स्वच्छाग्रहियों सहित देश के सभी लोगों को लाइव टेलिकाष्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता का संदेश देंगे। यह चंपारण के लिए बहुत ही गौरव की बात है कि जिस बापू के सपने सौ साल तक पूरे नहीं हुए उसे पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी मोतिहारी के गांधी मैदान से देश के लोगों को स्वच्छता का संकल्प दिलाएंगे। उक्त बातें सत्याग्रह शताब्दी वर्ष के समापन समारोह की तैयारी समीक्षा के उपरांत जिलाधिकारी रमण कुमार व एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए बुधवार को कही। उन्होंने कहा कि प्रारंभ में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह कार्यक्रम का शुभारंभ किया था और बापू के सपने को साकार करने का संकल्प लिया था। उसके उपरांत देश के कोने-कोने में इस अभियान को चलाया गया और लोगों का सहयोग भी मिला। उन्होंने कहा कि खासकर बापू की कर्मभूमि चंपारण का महत्व कुछ अधिक हो जाता है।प्रधानमंत्री श्री मोदी सत्याग्रह शताब्दी समारोह के समापन के मौके पर जिले में आयोजित स्वच्छता सम्मेलन के माध्यम से देश के लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी देंगे। यह सम्मेलन पूरी तरह से स्वच्छता पर केंद्रित होगा। इसमें देश के स्वच्छाग्रहियों के अलावा मुख्यमंत्री व दर्जनों केंद्रीय मंत्री सहित सभी विभाग के सचिव एवं मुख्य-मुख्य अधिकारी  पहुंचेंगे। मुख्य सभा स्थल गांधी मैदान में कार्यक्रम की तैयारियां जोरो पर चल रही हैं। जिलाधिकारी रमण कुमार व एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि सबसे अहम बात यह है कि यह कोई आमसभा या चुनावी सभा तथा राजनितिक कार्यक्रम नहीं है। यह देश स्तर का स्वच्छता सम्मेलन है। इसमें आम लोग शामिल नहीं होंगे, इसमें स्वच्छाग्रही सहित चिन्हित लोग ही होंगे शामिल होंगे। वही उन्होंने बताया कि देश के सभी राज्यों में इस कार्यक्रम को लाइव दिखाया जाएगा। वहां लोगों को इस आयोजन को देखने की व्यवस्था की जाएगी। एक साथ देश के पुरे राज्यों में बापू की कर्मभूमि मोतिहारी की धरती से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संबोधन जिले के लिए बहुत ही गर्व की बात है। वही पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा एसपीजी के घेरे में होगी तथा उनके निर्देशानुसार कई स्तर की व्यवस्था की जा रही है। जिले के बाहर से अधिकारी व पुलिस जवान मंगाए जा रहे हैं। करीब ढाई हजार सुरक्षाकर्मियों को लगाया जाएगा। गांधी मैदान व शहर के कोने-कोने में सुरक्षा की व्यवस्था सख्त रहेगी। वही उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टिकोण से उस दिन बरियारपुर चौक एवं बलुआ ओवरब्रिज के अंतिम छोर राजाबाजार की ओर सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर पूर्णत: रोक रहेगी, जिला प्रशासन द्वारा निर्गत कार्ड धारक का ही वाहन प्रवेश कर सकेगा।

जिलाधिकारी श्री कुमार व एसपी श्री शर्मा ने संयुक्त रूप से जिले के जनता से अपील किया है कि कार्यक्रम के दिन ऐसा कोई कम नही करें कि देश में गलत संदेश जाए और जिले का नाम बदनाम हो। वही उन्होंने अपील किया कि उस दिन अनावश्यक मोतिहारी नही आवें और अपने-अपने घरों में ही टीवी पर प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का लाइव संबोधन को सूने और देंखे।

Read More