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उदाकिशुनगंज (मधेपुरा):-पंचायत में नहीं लगता शिविर लोगों को होती है परेशानी, बिजली विभाग घोर निंद की आगोश में

May 17, 2018
धर्मेन्द्र कुमार मिश्रा की उदाकिशुनगंज से एक रिपोर्ट ।
■ बिजली बिल में बड़े पैमाने पर हो रहें हैं गोलमाल
 ■ बिजली से जुड़े समस्याओं का समाधान को लेकर कार्यालय का लगाना पड़ता चक्कर फिर भी नहीं होता समय पर समाधान
उदाकिशुनगंज (मधेपुरा)-प्रखंड क्षेत्र के लोग अपना बिजली बिल को सुधार करवाने के लिए ऑफिस का चक्कर लगा रहे हैं। वहीं कार्यालय में बिजली बिल सुधार ना के बराबर किया जाता है। नयानगर पंचायत के मुखिया अब्दुल अहद ने बताया हम को भी बिजली विभाग द्वारा कोई सूचना नहीं दिया जाता है, जिसके कारण पंचायत क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं का समस्या का समाधान स समय नहीं हो पा रहा है। बिजली बिल सुधार हेतु समय समय पर शिविर का आयोजन किया जाना चाहिए और इसकी जानकारी पूर्व में हीं ग्रामीणों को दिया जाना चाहिए। बतादें की जानकारी के अभाव में लोग बिजली संबंधित समस्याओं के समाधान को लेकर कार्यालय का चक्कर काटते रहतें हैं। लेकिन बिजली विभाग के जेई राजनंदन पासवान अपने हीं अनुसार कार्य कर रहे हैं। सुशासन की सरकार में किस तरह प्रशासन का राज चलता है। यह विभाग के क्रियाकलापों से ही पता चलता है, क्या ऐसे में गरीब बीपीएल धारी की समस्या को दूर किया सकता है? यह एक चिंतनीय विषय है। इस ओर जिला प्रशासन और अनुमंडल प्रसासन को बिजली विभाग की लापरवाही की जाँच करनी चाहिए और इस पर उचित पहल भी करनी चाहिए। बिजली विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर शिविर लगाया जाना चाहिए ऐसा नहीं किए जाने के कारण कई उपभोक्ता लाभ से वंचित रह जाता है।जिससे की  पंचायत के लोगों में आक्रोश होना स्वाभाविक सी बात है। पंचायत के लोगों को बिजली विभाग द्वारा शिविर का जानकारी नहीं दी जाती ना हीं स्थानीय मुखिया को दी जाती है। बतादें कि शिविर का मुख्य उद्देश्य बिजली से संबंधित पंचायत के समस्याओं का समाधान करना है, जबकि पंचायत स्तर पर बिजली विभाग द्वारा किसी प्रकार की कोई सूचना नहीं दी जाती है। प्रायः पंचायत के मुखिया ने इस बात को लेकर खेद व्यक्त की है और कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण पंचायत के लोग बिजली की कई समस्या के कारण जूझ रहे हैं,कभी कभी बिना बताए बिजली विभाग द्वारा शिविर लगा दिया जाता है। स्थानीय मुखिया संजीव कुमार झा ने कहा कि बिजली विभाग को चाहिए कि शिविर का आयोजन पंचायत स्तर पर और शिविर से पहले पंचायत के लोगों को जानकारी दिया जाना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को शिविर में अपनी समस्या का समाधान हो सके और ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सके । अंधेर नगरी चौपट राजा की तर्ज पर बिजली विभाग कार्य कर रही है, स्थानीय मुखिया ने बिजली विभाग को अपना काम के प्रति उदासीन बताया है। यक्ष प्रश्न तो बिजली की आपूर्ति की भी है गर्मी के समय में भी कभी-कभी बिजली घंटों गायब कर दी जाती है जिससे सभी लोग परेशान हो जातें हैं । बिजली की कटौती कभी ट्रांसफार्मर खराब हो जाने तो कभी फ्यूज उड़ जाने का कारण बता दिया जाता हैं । खाड़ा पंचायत की उपभोक्ता तारा देवी ,किरण देवी, नित्यानंद मालाकार,शत्रुघ्न पासवान ,बिनोद झा आदि बताते हैं कि बिजली का बिल तो महीना -महीना आ ही जाता हैंं पर इसके गलत आ जाने पर बिल ठीक कराने हेतू कार्यालय कार्रवाई के लिए खाक छानना पडता हैंं जिसके बाद भी सही नहीं हो पाता हैंं । वहीं बिजली कटने का कोई समय भी नहीं हैंं रह जाय तो 12 से 20 घंटा भी नहीं तो दो से चार दिन तक गायब भी होना देखा गया है । कहीं-कहीं तो मीटर बदलना भी नहीं हो पा रहा जबकि कई बार विभाग को बताया जा चुका है कि मीटर कई महीनों से खराब है ।

 

उदाकिशुनगंज बिजली विभाग के जेई राजनंदन पासवान से पूछने पर उन्होंने बताया कि फिलहाल पंचायत स्तर शिविर लगाने की योजना नहीं है। महीने की प्रत्येक 15 तारीख को बिजली विभाग के कार्यालय में शिविर लगाया जाता है।
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उदाकिशुनगंज (मधेपुरा):-शिक्षकों को नहीं रहा मोबाइल एप्प का खौप, किसी शिक्षक के पास आधुनिक मोबाइल ही नहीं तो कहीं लोकेशन नहीं होने की सुना रहे मजबूरी

May 17, 2018

 

धर्मेन्द्र कुमार मिश्रा की उदाकिशुनगंज से एक रिपोर्ट ।
■ एप्प के द्वारा नहीं किए जा रहें हैं विद्यालय की जाँच
■ लगभग सीआरसी एवं बीआरपी के पास नहीं है नई तकनीक वाला मोबाईल
उदाकिशुनगंज (मधेपुरा)-प्रखंड क्षेत्र में  शिक्षकों को मोबाइल एप्प का खौफ नहीं के बराबर हो रहा है। प्रखंड में लगभग सभी सीआरसी का मोबाईल एप्प काम नहीं कर रहा है। कुछ का काम कर भी रहा है तो उसका विद्यालय परिसर में लोकेसन काम नहीं करता। कुछ शिक्षक के पास तो आधुनिक मोबाइल भी उपलब्ध नहीं है। एक तरह विभाग आदेश जारी करता है शिक्षक होशियार हो जाओ अब मोबाइल एप्प्स से विद्यालय जाँच किया जाएगा।दूसरी तरफ एप्प्स किसी का काम हीं नहीं करता।एप्प्स के द्वारा स्कूलों की जांच नहीं किया जाना विभागीय आदेशों का खुलेआम उलंघन है।अपने दिए हुए आदेशों का पालन करवाना विभाग के लिए चुनौती बन गया। एक ओर जहाँ शिक्षक सुबह से ही अपने नीयत समय पर विद्यालय में चहलकदमी करते रहतें हैं वहीं लेट से आने वाले शिक्षक अपने आदत के हिसाब से विद्यालय पहुँचते है।क्योंकि वो समझ गया है जाँच तो एक बहाना है। बतादें की हाल के दिनों में हीं बिहार के  शिक्षामंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने उक्त एप्प का उद्घाटन किया था। जिसके माध्यम से 16 अप्रैल से जांच आरंभ करने का समय पूर्व से निर्धारित किया गया था। जिसमें प्रत्येक बीआरपी एवं हर सीआरसी को पांच पांच विद्यालय जांच करने का निर्देश दिया था। बतादें की बीआरसी में मात्र दो बीआरपी है।जिसमें की एक बीआरपी लगभग विभागीय काम से बाहर हीं रहता है तो एक मात्र बीआरपी कार्यालय का काम देखेगा या विद्यालय जाँच करने जाएगा। सीआरसी उदाकिशुनगंज शेखर कुमार  ने बताया कि जो विभाग के द्वारा जाँच करने का आदेश मिला है उतने स्कूलों के निरीक्षण के दौरान सही पाया गया।लेकिन एप्प काम नहीं कर रहा है,मैनुअल जाँच किया जा रहा है।विशेष जानकारी लेना चाहा तो फोन काट दिया गया। कुछ सीआरसी ने बताया कि एप्प्स काम नहीं करने के कारण उक्त विद्यायलयों की जांच प्रपत्र के माध्यम से कर संतुष्ट होना पड़ रहा है। बताया गया कि एप्प में जबतक 500 मीटर से कम दूरी शो नहीं करता है, तबतक वह काम नहीं करता है।
फिलहाल जो भी तकनीकी समस्या हो इतना तो जरूर हुआ कि विद्यालयों में अचानक सुधार दिखने लगा था, जो कि आने वाले अच्छे दिन के संकेत माने जा रहे थे।पर यह सब एक छलावे के सिवा कुछ भी नहीं। सीआरसी पिपरा करौती अशोक कुमार मेहता ने बताया कि मोबाइल एप्स पर पहले दिन 5 विद्यालय जांच का निर्देश दिया गया था ।लेकिन उसके बाद प्रत्येक दिन 2 विद्यालय का जांच करना है जो कि किया जा रहा है। यहां से जो जांच रिपोर्ट मोबाइल एप्स पर फॉर्मेट दिया गया है उस फॉर्मेट को भरकर प्रूफ में फोटो खींच कर विभाग को भेज दिया जाता है। 
पुनः वहां से 12 घंटे के बाद कभी कभी दो-तीन दिन के बाद भी वहां से सिर्फ फोटो वापस आता है विशेष जांच प्रक्रिया में क्या होता है वह हमें नहीं पता मेरा काम है यहां से सिर्फ रिपोर्ट भेज देना उस रिपोर्ट पर क्या कार्यवाही होती है या नहीं यह विभाग जाने।  सीआरसी गोपालपुर प्रमोद कुमार ने बताया कि शुरुआत में 5 विद्यालय जांच हुई थी लेकिन फिलहाल प्रत्येक दिन दो से तीन विद्यालय की जांच हो पा रहा है लेकिन ऐप्स सही ढंग से काम नहीं कर पाने के कारण मैनुअल पर काम करना पड़ रहा है। वैसे मुझे ऐप्स चलाने में परेशानी भी हो रही है, ठीक तरीके से ऑपरेट नहीं हो पा रहा है। सीआरसी मंजौरा राजेश रंजन ने बताया कि एप्स मेरे मोबाइल पर लोड ही नहीं हो पा रहा है। लोड होता भी है वह खुलता नहीं है। फिलहाल मैनुअली जांच किया जा रहा है ,मेनुअल रिपोर्ट ही विभाग को भेजी जा रही है ।अभी तक पूरे जांच प्रक्रिया के क्रम में कहीं भी कोई गरबरी नहीं पाई गई है। सीआरसी बीड़ीरणपाल इंद्र कुमार ने बताया कि किसी किसी जगह ऐप्स काम करता है और कहीं कहीं ऐप्स काम करना बंद कर देता है। जिसके कारण की सही जांच नहीं हो पा रही है।जो भी जांच हो रही है लगभग वह मैनुअल के हिसाब से ही किया जा रहा है अभी तक जितने भी विद्यालय जांच किया गया है सभी सही हालात में पाया गया।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विंदेश्वरी प्रसाद साह ने बताया कि मेरा भी एप्प्स काम नहीं कर रहा है।और प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड में लगभग किसी का एप्प्स काम नहीं कर रहा है ।इसकी एक वजह या तो ठीक तरीके से किसी को एप्प्स संचालित करने के लिए नहीं आता।दूसरी वजह एप्प्स के सिस्टम में कुछ समस्या है जिसके कारण एप्प्स सही तरीके से काम नहीं करता।इसकी जानकारी वरीय अधिकारियों को दिया गया है लेकिन अभी तक इस का सुधार या कोई सार्थक पहल नहीं किया गया है।
ताज्जुब की बात यह है कि खुद प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी का एप्प्स काम नहीं कर रहा।तो बीआरपी और सीआरसी को क्या कहा जा सकता।दूसरी तरफ सीआरसी के कथनानुसार इनके द्वारा किए गए जाँच में अभी तक किसी विद्यालय में किसी तरह का कोई भी गरबरी नहीं पाया गया, तो विद्यालय में गरबरी की शिकायत प्रायः क्यों सुनने और देखने को मिलती है।इससे तो साफ जाहिर होता है कहीं ना कहीं तो गरबरी है?
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उदाकिशुनगंज (मधेपुरा):-सात निश्चय योजना के तहत बने गली नाली योजना निर्माण राशि के अभाव में अधूरा

May 17, 2018
धर्मेन्द्र कुमार मिश्रा की उदाकिशुनगंज से एक रिपोर्ट ।
■ किए गए निर्माण कार्य में हुई भारी अनियमितता, मिट्टी की ठोकाई किए वगैर ईंट बिछाकर कि गई ढलाई
■ बनने से पहले धसने लगा सड़क, 1 लाख 91 हजार 4 सौ 95
रुपया से किया जाना है निर्माण
■ 14 नबम्बर 17 को हीं किया गया था कार्य का शुभारंभ
उदाकिशुनगंज (मधेपुरा)-उदाकिशुनगंज वार्ड 7 में करीब 6 माह पहले से निर्माणाधीन सात निश्चय योजना के तहत बन रहे सड़क राशि के अभाव में अधूरा परा हुआ है।जो बन भी गया है उसमें बरे पैमाना पर लापरवाही बरती गई है।हद तक नाली और सड़क का निर्माण तो पूरा कर लिया गया है पर कुछ दूर राशि के अभाव के कारण काम अवरुद्ध परा है।एक तो अधूरा निर्माण के कारण लोगों को आवागमन में परेसानी हो रही है।दूसरी तरफ किए गए निर्माण में मिट्टी को वगैर ठोके ईंट बैठा कर ढलाई कर दिया गया।जिससे कि नाली के बगल में किए गए ढलाई कमजोर होकर टूट गया।इस बात को लेकर सड़क कि गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वभाविक है।वहाँ के ग्रामीण ने नाम ना छापने के शर्त पर बताया कि 14 नवम्बर 17 को हीं गली नाली निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया था।कुछ दूर तक निर्माण का कार्य किया गया है लेकिन करीब 1 माह से कार्य बंद है कार्य अधूरा रह जाने के कारण आने जाने में काफी परेशानी हो रहा है। बतादें कि सुबोध मिश्र के घर से सड़क तक बनाए जा रहे गली नाली निर्माण कार्य को विगत 1 माह से पैसे की कमी के कारण निर्माण कार्य को बंद कर रखा है।जबकि 1 माह पहले हुए निर्माण कार्य में भी लापरवाही वरती गई है।नाले के बगल में मिट्टी को बिना ठोके हुए हीं ईंट बिछा कर ढलाई कर दिए जाने से निर्माण पूर्ण होने से पहले हीं धस कर टूट गया। कार्य की गुणवत्ता के साथ काफी नाइंसाफी की गई है। वैसे तो इस प्रखंड में सात निश्चय योजना के तहत हो रहे कार्य पर अब तक कई जगहों से प्रखंड कार्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराया है।पदाधिकारी द्वारा भी कई जगह कार्य के गुणवत्ता पर सवाल किया है।फिर भी इस योजना पर सुधार नहीं के बराबर है।लोगों के बीच तो यह भी चर्चा है कि वार्ड सदस्यों के लिए यह योजना कामधेनु साबित हो गया है।
उदाकिशुनगंज पंचायत के वार्ड 07 में सात निश्चय योजना में जमकर अनियमितता का खेल खेला गया है।इस बात को लेकर ग्रामीणों में अंदर हीं अंदर आक्रोश तो है पर कुछ कहने से परहेज कर रहें है।इस ओर विभागीय अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए और जाँच भी करनी चाहिए। बतादें कि वार्ड संख्या सात में योजना संख्या 02/17-18 के तहत सुबोध मिश्र के घर से सड़क तक बन रहे गली नाली योजना का प्राक्कलित राशि 1 लाख 66 हजार 4 सौ 48 रुपये से निर्मित नाली एवं पीसीसी ढलाई कार्य और इसी सकड़ पर मनरेगा के तहत 25 हजार 47 रूपए की प्राकलन राशि से मिट्टी का कार्य किया गया है।जिसका योजना संख्या 08/17-18 है। 120 फीट में बने सड़क में मिट्टी और गली नाली निर्माण का कार्य वार्ड अध्यक्ष रतन राम और वार्ड सचिव विपीन राम द्वारा मुखिया संजीव झा के देख-रेख में किया जा रहा है। सड़क निर्माण के लगभग एक महीने में ही सड़को के धसने और टूटने से ग्रामीणों के बीच नाराजगी देखी गई।इससे साफ जाहीर होता है कि मैटेरियल में कमी कर सड़क का निर्माण कर सात निश्चय योजना की राशि को गबन करने का इरादा है।
वार्ड अध्यक्ष रतन राम ने कहा कि वार्ड 7 के तहत मनरेगा और सात निश्चय योजना के तहत भोला मंदिर से नहर तक इस की कुल लंबाई 450 फिट है का मिटटी कार्य एवं गली नाली पक्कीकरण  निर्माण का कार्य जिसका प्राकलन राशि 6 लाख 74 हजार 1 सौ 17 रुपया था।जिसका निर्माण कार्य लगभग  3 माह पूर्व हीं पूर्ण कर दिया गया है।यह निर्माण कार्य भी समय पर पूरा हो जाता पर कैसे करें।दोनो योजना मिलाकर 8 लाख 65 हजार 6 सौ 12 रुपया होता है पर अभी तक दोनो योजना मिलाकर सिर्फ 5 लाख रुपया हीं मिला है।क्या करूँ एक तरफ कार्य करने वाले मजदूर का पैसा वाकया है वह भी सुबह शाम घर पर पैसा माँगने पहुँच जाता है ,तो दूसरी तरफ बालू गिट्टी वाला।मैं परेसान हो गया हूँ लोगों का तगादा सुनते सुनते।पैसा  आते हीं निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा। यह पूछने पर की पैसे का लेन देन तो विभागीय बात है।पर जो काम पूरा कर लिया गया है उसमें तो गुणवत्ता का ध्यान रखिए। एक माह भी सड़क को बने हुए नहीं हुआ है और सड़क धस कर टूटना सुरु हो गया है। तो इस पर कुछ भी बताने से परहेज करते हुए निकलते बने। इस संबंध में मुखिया संजीव झा ने बताया कि वार्ड सदस्य के खाते में कार्य शुरू होने से पूर्व हीं दोनों योजनाओं के लिए 5 लाख उनके खाते में भेज दी गई थी। उसके बाद काम पूरे होने के बाद बिल सबमिट किए जाने के बाद हीं बाकी का भुगतान किया जाएगा जो बिल की अभी तक जमा नहीं किया गया।
जहाँ तक सड़क धसने और टूटने की बात है तो उसे अपने स्तर से देख कर एक सप्ताह के अंदर सुधार कर बचे हुए निर्माण कार्य को भी पूरा करवा दिया जाएगा।

 

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बस्ती : पास्को एक्ट के अभियुक्त को छावनी पुलिस ने भेजा जेल

May 17, 2018

बस्ती, दीपक सोनी 

पुलिस अधीक्षक बस्ती द्वारा चलाए जा रहे अभियान के क्रम मे 17/ 5 /2018 को  मुकदमा अपराध संख्या 129/18 धारा 354 506 ipc व 7/8 पोक्सो अधिनियम में वांछित अभियुक्त प्रकाश पुत्र स्वर्गीय निर्मान निवासी अमोढ़ा थाना छावनी बस्ती को सुबह करीब 5 बजे मुखबिर की सूचना मिली की वह कही जाने के फिराक में अमोढ़ा  कस्बे में खड़ा है सूचना पर पहुचे छावनी थानेदार संतोष कुमार सिंह मय फोर्स  अमोढ़ा से गिरफ्तार कर लिया व जेल भेज दिया

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अबैध असलहाधारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल-सिद्धार्थ नगर बांसी से सुरेंद्र कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

May 17, 2018

 

सुरेंद्र कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

बांसी/ बांसी पुलिस ने आज एक बहुत ही सराहनीय कार्य कर दिखाया है आज दिनांक 17/5/2018 को मुखबिर की सूचना पर बांसी कोतवाली उपनिरीक्षक विक्रमाजीत राय उपनिरीक्षक अभिमन्यु सिंह HCP रविकांत मणि ने कटबंध मोड थाना बांसी से सुबह करीब 4:25 के आस-पास एक अवैध असलहाधारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 आपको बताते चलें कि बांसी कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 164/18 धारा 325 एक्ट से संबंधित रसीद पुत्र इद्रीस ग्राम करमा खान थाना दुधारा जनपद संत कबीर नगर को अवैध असलहा रखने के जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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कार चालक ने साइकिल सवार को रौंदा, मौके पर हुई मौत-सिद्धार्थ नगर बांसी से सुरेंद्र कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

May 17, 2018

सुरेंद्र कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

बांसी/ बांसी कोतवाली अंतर्गत बांसी बस्ती मार्ग पर स्थित नचनी गांव के सामने ब्रेजा कार ने साइकिल सवार को रौंद दिया जिससे साइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई।

आज दिनांक 17 मई 2018 को सुबह करीब 7 बजे के आसपास गोली राजभर 50 वर्ष पुत्र त्रिवेणी नचनी निवासी आज सुबह खुटेहना चौराहे से चाय पीकर अपने साइड से खेती के कार्य हेतु जा रहे थे कि अचानक ब्रेजा कार नंबर यूपी 55,6111 के चालक ने टक्कर मारी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई ।घटना की सूचना पाकर बांसी कोतवाली प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह अपने मै फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लाश को कब्जे में लेकर पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।और मृतक के पिता त्रिवेणी दास पुत्र स्वर्गीय जीते द्वारा थाना कोतवाली बांसी पर उपरोक्त ब्रेजा कार चालक के विरुद्ध तहरीर  दिया गया जिससे स्थानीय थाना पर मुकदमा अपराध संख्या 165/18 धारा 279, 304 ए/427 भा0दा0वी0 पंजीकृत कर चालक का खोजबीन शुरू कर दिया गया है।

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उतरौला : कस्बे की गलियां बनी तालाब, मोहल्ले वाले हैं परेशान जिम्मेदार बेफिक्र-SUSHIL SRIVASTVA सुशील श्रीवास्तव की एक रिर्पोट ,उतरौला

May 17, 2018

सुशील श्रीवास्तव की एक रिर्पोट
नगर पालिका परिषद उतरौला के अंतर्गत पुष्पांजलि होटल के ठीक बगल से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जाने वाले मार्ग पर तथा मोहम्मद यूसुफ उस्मानी इंटर कॉलेज के सामने सड़क पर जलभराव की समस्या पिछले कई महीनों से मोहल्लेवासी झेल हैं ।इस समस्या को लेकर कई बार सभासदों ने अपनी शिकायत नगर पालिका परिषद उतरौला को अवगत कराया परंतु नगर पालिका परिषद उतरौला के जिम्मेदार अधिकारी वह सफाई विभाग से जुड़े हुए कर्मचारी मोहल्लेवासियों की भीषण समस्या से बेसुध नजर आ रहे हैं ।
इन दिनों जहां शुक्रवार से रमजान का महीना शुरू हो रहा है वही आवागमन के दौरान सड़क पर हुए जलभराव व कीचड़ से गुजरना मोहल्ले वासियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है ।कमोबेश यही हालत मोहल्ला गांधीनगर में पुराने पानी टंकी के पास सड़क पर एकत्रित कूड़े को लेकर मोहल्लेवासी काफी परेशान हैं । एक तरफ जहां नगर पालिका परिषद कस्बे में सफाई व्यवस्था ठीक होने का दावा कर रहा है वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा एजी हाशमी डिग्री कॉलेज को जाने वाले लोग सड़क पर एकत्रित कूड़े को लेकर परेशान दिख रहे हैं ।
पूर्व सभासद अयाज़ खान उर्फ सोनू आफाक रज़ाबीडीसीप्रतनिधिउतरौला ग्रामीण, डा0 सुहैल अकबर,असलम कुरैशी,मास्टर हबीब, मास्टर रज़्ज़ाक साहब, अलाउद्दीन एडवोकेट, डा0 उस्मान,सहित तमाम छात्रों व अधिवक्तावों ने नगर पालिका परिषद उतरौला से मांग किया है कि रमजान के मद्देनजर तालाब में तब्दील सड़क को ठीक करवा दिया जाय । जिससे रोजेदारों को आवागमन में दुश्वारियों से निजात मिल सके ।

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स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के सामने  उच्च अधिकारी बौने सावित हो रहे है| सी0एम0ओ0 के आदेश को दर किनार करके अपने मनचाहे स्थान पर तैनात -SUSHIL SRIVASTVA सुशील श्रीवास्तव की एक रिर्पोट , सादुल्ला नगर

May 17, 2018

सुशील श्रीवास्तव की रिपोर्ट

सादुल्ला नगर / बलरामपुर-स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के सामने  उच्च अधिकारी बौने सावित हो रहे है| सी0एम0ओ0 के आदेश को दर किनार करके अपने मनचाहे स्थान पर तैनात है| 

यह स्वास्थ्य विभाग की पंगु व्यावस्था या अधिकारियों की लाचारी कि जो अपने ही आदेश का अनुपालन नही करवा पा रहे है| पत्रांक स्था./ च0श्रे0/2017-17/16348-51 के अंतर्गत श्री सैय्यद मशकूर अहमद  (कुक) सामु0स्वा0के0 सादुल्ला नगर से सामु0स्वा0के0 पचपेडवा एवं श्रीमती शकुंतला (आया), सामु0स्वा0के0 सादुल्ला नगर से सामु0स्वा0के0 शिवपुरा व नान मेडिकल असिस्टेंट प्रदीप सिंह का स्थानांतरण जनहित में तत्काल प्रभाव से सी0एम0ओ0 ने 17 फरवरी को स्थानांतरण आदेश करके कार्य- भार सम्भाल लेने को कहा था| वही 23 अप्रैल 2018 को स्टाफ नर्स सुश्री चन्द्रवती व 4 अन्य कर्मियों का स्थानांतरण / तैनाती सादुल्ला नगर से अन्य स्थानों पर किया जा चुका है| लेकिन यह कर्मी भी क्या अंगद के पाव के तरह जमे बैठे हुए है किसी भी दशा में सादुल्ला नगर छोडने को तैयार नही है| ग्रामीणों की माने तो धडल्ले से मनमानी तरीके से लूट-घसोट का कार्य भी कर रहे है| तमाम तरह के आरोप इन कर्मियों  पर लग चुके है और विभाग इनकी कमियों से अवगत भी है| इस सम्बंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलरामपुर से पूछा गया तो उन्होने अपना भार सामु0स्वा0के0 परीक्षक रेहरा बाजार के ऊपर डालकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्ती ले ली|

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