All for Joomla All for Webmasters

सारण:- भाजपाइयों ने गरखा में मनाई अंबेडकर की 127 वीं जयंती समारोह

Apr 14, 2018

पन्नालाल कुमार की एक रिपोर्ट ।

गरखा(सारण)-भारतीय जनता पार्टी गरखा पूर्वी मंडल के तत्वधान में बसन्त के दलित बस्ती में सम्बिधान शिल्पकार भारत रत्न डॉ बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जी का जयंती धूम धाम से मनाई गई।  जयंती समारोह में मुख्य रूप से पूर्व विधायक ज्ञानचंद माँझी, विधानसभा विस्तारक लखवीर सिंह यादव, जिला महामंत्री सह गरखा विधानसभा प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष श्री निवास सिंह, मुखिया शेखर सिंह, मंडल अध्यक्ष संजय सिंह, विनोद सिंह, ओमप्रकाश राय, सदानंद द्विज, आशीष रंजन एवं अन्य ने संबोधित किया सभी ने बाबा साहब के जीवनी पर प्रकाश डाला।

वही पूर्व विधायक का कहना था कि सारी विपक्षी पार्टी  दलित समुदाय के लोगो को दिग्भ्रमित कर रही हैं, लोगो को बरगलाया जा रहा है कि आरक्षण खत्म कर दी जायेगी उन्होंने दलित समुदाय के लोगो को संबोधित करते हुए कहाँ की जब तक नरेंद्र मोदी और भाजपा पार्टी रहेगी दलितों का आरक्षण कोई माई का लाल ख़त्म नही कर सकता।

जयंती के उपलक्ष्य पर हरि व्यास एवं अन्य का दुगोला प्रोग्राम भी रखा गया था । सभा की अध्यक्षता रामबाबू मांझी, एवं संचालन अजय मांझी एवं धन्यवाद ज्ञापन सुभाष राम ने किया ।

Read More

परसा(सारण):- भाजपा ने भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव रामजी अम्बेडकर की  128 वीं जयन्ती को दलित बस्ती में समरसता दिवस के रूप में मनाया

Apr 14, 2018

विकास कुमार की एक रिपोर्ट ।

परसा-शनिवार को भाजपा नगर पंचायत मंडल, परसा बाजार के तीन शक्ति केन्द के बूथों पर भारत रत्न बाब साहब डा भीमराव रामजी अम्बेडकर की  127 वीं जन्म दिन को दलित बस्ती में समरसता दिवस के रूप में मंडल अध्यक्ष अर्जुन सिंह के नेतृत्व में मनाया । जिसमें महामंत्री इन्द्रमोहन सिंह तथ्य शैलेश कुमार गिरी, किसान मोर्चा अध्यक्ष उमाशंकर प्रसाद, मंडल उपाध्यक्ष चंदन सिंह संतोष कुमार राय तथा मंडल के सभी सम्मानित कार्यकर्ताओ के साथ अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष राहुल कुमार रजक तथा दलित समाज के गजेंद्र राम, दिनेश राम, रंजीत राम अभिषेक राम, एकबार चंद्र राम तथा सभी जगह दलित समाज के सैकड़ों की संख्या मे लोग शामिल हुए । जिसमें नगर पंचायत मंडल अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में सबसे बड़ी ताकत कलम की ताकत है और एक रोटी कम खाएं लेकिन बच्चों को अवश्य पढाएं । भारत के यशस्वी एवम लोकप्रिय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट कहना है कि यह सरकार गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित सरकार है । कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने कभी भी बाबा साहब का सम्मान नही किया तथा दलित वर्ग के लोगों का वोटबैंक के रूप में उपयोग किया । लेकिन जब परम श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेई सत्ता सत्ता में आए तो सबसे पहले बाबा साहब को भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया और वर्तमान के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकारी भी समाज के अंतिम पायदान पर रहने वाले व्यक्ति को ईकाई मानकर उनके उत्थान के लिए लगातार प्रयत्नशील हैं । स्वयंभू गरीबों के रहनुमाई करने वाले नेतागण कहा करते थे कि रानी के पेट से राजा का जन्म नही बल्कि नौकरानी के पेट से जिसदिन राजा का जन्म होगा । लेकिन जब नौकरानी के पेट से पैदा नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो उनके नेताओं की दुकानदारी में ताला लगने लगा जिसके चलते वे लोग रानी के पेट से उत्पन्न नेता का तलवा चाट रहे हैं और तरह तरह का समाज में विषवमन करके सत्ता प्राप्त करने का दिवास्वप्न देख रहे हैं ।

वैसे लोगो से सावधान रहते हुए सामाजिक समरसता कायम रखना ही बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।अंत मे उपस्थित लोगों के बीच मिठाई बांटकर तथा बाबासाहब के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया ।

Read More

मुंगेर:- राष्ट्रीय जनता दल ने बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री वितरण कर डाॅ0 भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई

Apr 14, 2018

गौरव कुमार मिश्रा की एक रिपोर्ट ।

मुंगेर :-राष्ट्रीय जनता दल के पंचायती राज जिला अध्यक्ष मनीष कुमार की अध्यक्षता में भारत के संविधान निर्माता एवं भारतरत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर की 127वीं जयंती समारोह पुर्वक जमालपुर प्रखंड के इन्द्रुख पश्चिमी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय हसनगंज मुसहरी में बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री बाँट कर मनाया गया ।इस अवसर पर उपस्थित राज्य परिषद सदस्य शिशिर कुमार लालू ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब देश के आजादी के बाद भारत के संविधान निर्माण के लिए उन्हें संविधान की ड्राफ्टिंग कमिटि का चेयरमैन बनाया गया फिर आजाद भारत के कानून मंत्री बनाये गये ।वो हमेशा से समाज में सामाजिक और आर्थिक समरसता के पक्षधर थे और उसके लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे ।मनीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा की आज भी अम्बेडकर जी के विचार प्रासंगिक है बाबा साहब हमेशा देश की आधी आबादी महिला को  सभी क्षेत्रों में पचास प्रतिशत आरक्षण देकर मुख्यधारा में लाने के पक्षधर थे ।बाबा साहब 1936 में हिन्दू धर्म को छोड़ कर बौद्ध धर्म अपना लिया ।लेकिन आज देश में साम्प्रदायिक शक्ति देश के भाईचारे को बिगाड़ रहे हैं ।

इस अवसर पर पर राजद महानगर अध्यक्ष दिनेश यादव ,राजेश रमन,सुशांत रंजन पप्पू, शिक्षक नेता संतोष कुमार, शेखर यादव,जितेन्द्र कुमार, श्रवण कुमार, विद्यालय के प्रधान सुरज कुमार, श्याम मनोहर यादव, मुन्ना राउत, मनोज रजक मौजूद थे समारोह के अंत में विद्यालय के प्रधान शिक्षक ने कहा की आज इस अवसर पर राजद के लोगों द्वारा बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री बाँटना सराहनीय एवं अनुकरणीय पहल है जिससे बच्चों में शिक्षा के प्रति लगाव बढ़ेगा ।

Read More

वैशाली:-कई राजनीतिक दलों ने भारतरत्न बाबा साहब डॉ. भीम राव अम्बेडकर की जयंती धूम-धाम से मनाया

Apr 14, 2018

प्रेम कुमार की एक रिपोर्ट ।

वैशाली-वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखण्ड अंचल कार्यालय समेत कई राजनीतिक दलों ने भारत के संविधान निर्माता चिंतक,एवं समाज सुधारक भारत के  विश्वपुरुष भारतरत्न डॉ.बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर के जयंती बड़ी धूम-धाम से मनाया।वही बाबासाहेब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए जदयु के प्रखण्ड अध्यक्ष राजेश्वर प्रसाद मुकेश ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और सफलता की ऐसी अद्भुत मिसाल है जो शायद ही कहीं देखने को मिले।वे अपने माता पिता के चौदहवीं संतान थे। उनकी जीवन बहुत ही संघर्ष भरी रही हैं।

पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में अनिल चौरसिया, गजेन्द्र भगत, संतोष निराला, प्रो. प्रमोद कुमार शर्मा, पूर्व उपप्रमुख ब्रज किशोर सिंह,धर्मेन्द्र चौरसिया, आशुतोष कुमार, कृष्ण कुमार महतो, अशोक चौरसिया, अमित कुमार, शुभम कुमार, मिठु कुमार, राजू कुमार सिंह, संजीव झा, महेश पंडित, डॉ. गजाधर प्रसाद सिंह, गणेश प्रसाद सिंह आदि ने बाबासाहेब के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित किये।

Read More

वैशाली:-भाकपा माले की बिदुपुर इकाई ने बाबा साहब भिमराव अंबेडकर की 127वीं जयंती हर्लोल्लास से मनायी

Apr 14, 2018

प्रेम कुमार की एक रिपोर्ट ।

वैशाली:-मझौली गांव के महादलित बस्ती में भाकपा माले की बिदुपुर इकाई के तत्वावधान में बाबा साहब भिमराव अंबेडकर की 127वीं जयंति पूरे हर्लोल्लास के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का संचालन माले नेता विकास कुमार ने किया।

इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान महासभा के जिल सचिव का०अरविंद कु०चौधरी मौजूद थे।संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सह वरीष्ठ माले नेता का०विशेश्वर प्र०यादव मुख्य वक्ता के रुप में मौजूद थे।

Read More

उदाकिशुनगंज (मधेपुरा):-सिर्फ दलितों के नहीं, हर शोषित-वंचित, गरीवों की आवाज थे बाबा साहब:- एसडीओ एस जेड हसन

Apr 14, 2018

धर्मेन्द्र कुमार मिश्रा की उदाकिशुनगंज से एक रिपोर्ट ।

उदाकिशुनगंज (मधेपुरा):-संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की 127 वीं जयंती समाहरोह पर शनिवार को अनुमंडल कार्यालय सहित विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालय एवं स्कूलों में बड़ी हषोल्लास के साथ मनाया गया। समाज सुधारक, राजनीतिज्ञ व संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर को बाबा साहेब के नाम से भी जाना जाता है।जयंती समारोह के सुभ अवसर पर उदाकिशुनगंज अनुमंडल पदाधिकारी एस जेड हसन ने कहा कि भीमराव आंबेडकर आज की राजनीति के ऐसे नायक है, जिसे हर पार्टी ‘अपना’ बनाना चाहती है। लेकिन बाबा साहेब समाज के वो नायक थे, जो ताउम्र गरीब और वंचित वर्गों की आवाज बने। उन्हें भले हीं दलितों का मसीहा माना जाता हो, लेकिन यह भी सच्चाई है कि उन्होंने सिर्फ दलितों की ही नहीं बल्कि समाज के सभी शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए उन्होंने आवाज उठाई।साथ हीं साथ उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने दलित बौद्ध आंदोलन को भी प्रेरित किया और दलितों के खिलाफ सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं कहा जा सकता है कि आंबेडकर सिर्फ दलितों के मसीहा थे। उन्होंने समाज के हर उस वंचित वर्ग के अधिकारों की बात की, जिसे की समाज में दबाया जाता था। उन्होंने श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। डॉ आंबेडकर ने छुआ छूत के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन भी चलाया।उन्होंने अछूतों को भी हिंदू मंदिरों में प्रवेश करने का अधिकार दिलाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया।अनुमंडल पदाधिकारी एस जेड हसन ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ भीमराव आंबेडकर साहब का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश के महू गांव में हुआ था। वे रामजी मालोजी सकपाल और भीमाबाई की 14 वीं व अंतिम संतान थे। इनके पिता ब्रिटिश भारतीय सेना में काम करते थे। ये महार जाति से ताल्लुक रखते थे, जिसे हिंदू धर्म में अछूत माना जाता था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण बाबा साहेब का पालन-पोषण बड़ी मुश्किल से हो पाया।

इन परिस्थितियों में ये तीन भाई- बलराम, आनंदराव और भीमराव तथा दो बहनें मंजुला और तुलसा ही जीवित बच सके। सभी भाई-बहनों में सिर्फ इन्हें ही उच्च शिक्षा मिल सकी, लेकिन इसके लिए भी उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा। अपनी जाति के कारण उन्हें सामाजिक प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा था। स्कूली पढ़ाई में सक्षम होने के बावजूद छात्र भीमराव को छूआछूत के कारण कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। स्कूल के सबसे मेधावी छात्रों में गिने जाने के बावजूद इन्हें पानी का गिलास छूने का अधिकार नहीं था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। बाद में उन्होंने हिंदू धर्म की कुरीतियों को समाप्त करने का जिंदगी भर प्रयास किया। आर्थिक मुश्किलों के साथ ही बाबा साहेब को हिंदू धर्म की कुरीतियों का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने इन कुरीतियों को दूर करने के लिए हमेशा प्रयास किया। लेकिन तमाम प्रयासों के बाद जब उन्हें लगा कि वे हिंदू धर्म की कुरीतियों को नहीं मिटा पाएंगे, तो उन्होंने 14 अक्टूबर, 1956 में अपने लाखों समर्थकों सहित बौद्ध धर्म अपना लिया।

9 साल की उम्र में हुई पहली शादी—-

डॉ. भीमराव आंबेडकरकी पहली शादी 9 साल की उम्र में ही हो गई थी, उनका पत्नी का नाम रमाबाई था। रमाबाई की मौत के बाद उन्होंने सविता से शादी कर ली। वे ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती थीं। सविता ने भी इनके साथ ही बौद्ध धर्म अपना लिया था। आंबेडकरकी दूसरी पत्नी सविता का निधन वर्ष 2003 में हुआ।

32 डिग्रियां और 9 भाषाओं के जानकार—–

आंबेडकरकी गिनती दुनिया के सबसे मेधावी व्यक्तियों में होती थी। वे 9 भाषाओं के जानकार थे। उन्हें देश-विदेश के कई विश्वविद्यालयों से पीएचडी की कई मानद उपाधियां मिली थीं। इनके पास कुल 32 डिग्रियां थीं। यही वजह है कि आंबेडकर को प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारत का पहला कानून मंत्री बनाया था।

संविधान निर्माता…बाबा साहब—–

15 अगस्त, 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली नई सरकार अस्तित्व मे आई, तो उसने आंबेडकर को देश का पहले कानून मंत्री के रूप में सेवा करने के लिए आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। देश के पहले संविधान के निर्माण के लिए उन्हें 29 अगस्त, 1947 को संविधान की प्रारूप समिति का अध्यक्ष बनाया गया। फिर दो वर्ष, 11 माह, 18 दिन के बाद संविधान बनकर तैयार हुआ। 26 नवंबर, 1949 को इसे अपनाया गया और 26 जनवरी, 1950 को लागू कर दिया गया।

समान नागरिक संहिता के पक्षधर थे आंबेडकर—

एनडीए सरकार के अस्तिव के आने के बाद समान नागरिक संहित की आवाज कई बार उठी। लेकिन वास्तव में बाबा साहेब भी समान नागरिक संहिता के पक्षधर थे और कश्मीर के मामले में धारा 370 का विरोध करते थे।

Read More

औरंगाबाद:-भाजपाईयों ने बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर की 127 वीं जयंती धूमधाम से मनाई

Apr 14, 2018

गणेश कुमार की एक रिपोर्ट ।

औरंगाबाद:-भारतीय जनता पार्टी द्वारा समशेर नगर मंडल के नीमा ग्राम के दलित बस्ती में बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के 127 वां जयंती समारोह मंडल अध्यक्ष रामपुकार पाण्डेय की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का संचालन मंडल उपाध्यक्ष जगरनाथ शर्मा ने किया।इस मौके पर उपस्थित भाजयुमो के जिला मंत्री विवेकानंद मिश्र ने डॉ0 भीमराव आंबेडकर पर प्रकाश डालते हुवे बताया कि डॉ0 आंबेडकर को हम संविधान निर्माता के रूप में जानते हैं लेकिन उन्होंने राष्ट्र निर्माण करने वाली कई संस्थाओं और कदमों को उठाने में भी अहम भूमिका निभाई।फिर चाहे वह महिला का सामाजिक दर्जा उठाने की बात हो या बारह घंटे काम से घटाकर आठ घन्टे करने की पहल भी की।श्री मिश्र ने कहा कि आंबेडकर जी ने राष्ट्र निर्माण के लिए हर पहलू पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का प्रयास किया था।उन्होंने संविधान तैयार करने की बहुत कठिन चुनोती में असाधारण परिपक्वता बुद्धिमानी और उदारता दिखाने का काम किया,जिसका परिणाम है कि आज हम लोकतंत्र बने।आंबेडकर जी ने जम्मूकश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 का मसौदा लिखने से साफ मना कर दिए थे।उनका कहना था कि यह राष्ट्र की एकता अखंडता के सिद्धांतों के खिलाफ है।उन्होंने केंद्र व राज्य में सिंचाई परियोजनाओं के विकास के लिए केंद्रीय जल आयोग की स्थापना की।इसी तरह विद्युत क्षेत्र के विकास के लिए उन्होंने बिजली वितरण के ग्रिड सिस्टम पर जोर दिया जिस पर देश आज भी निर्भर है।कार्यक्रम में उपस्थित ओबरा विधान सभा के विस्तारक कमलेश दत पाण्डेय ने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के बताए रास्ते पर ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी सबका साथ सबका विकास के सिद्धांत पर कार्य कर रहे है।चंद राजनीतिक दलों द्वारा समाज मे जो जहर घोलने का काम कर रहे है उसे भाजपा नाकाम करेगी।

इस मौके पर भाजपा जिला मंत्री विजय कुमार निराला, महेंद्र शर्मा,राजकुमार,देव कुमार,रामदयाल राम,साहेब दयाल राम,श्री किशुन राम,सूरत राम,चिंता देवी,लखपति देवी,मुनिया देवी,गुलाबो देवी सहित सैकड़ों दलित एवं ग्रामीण मौजूद थे।

Read More

औरंगाबाद:-पुल निर्माण करा रही कंपनी एचसीसी ने निर्माण से अपने हाथ खड़े किये

Apr 14, 2018

गणेश कुमार की एक रिपोर्ट ।

दाउदनगर,(औरंगाबाद)- दाउदनगर नासरीगंज के बीच पुल निर्माण करा रही कंपनी एचसीसी ने अपने हाथ खड़े कर लिए हैं। एप्रोच रोड के लिए जमीन अधिग्रहण में आ रही अड़चने इसके लिए जिम्मेवार है। कहा कि अब उनके लिए काम करना संभव नहीं रह गया है। कंपनी को काफी घटा सहना पड़ रहा है। एम् श्रीनिवास राव व प्रशासनिक पदाधिकारी आशुतोष कुमार पांडे ने बताया कि दाउदनगर मौजा में 9 एकड़ तथा सोन उस पार  बलिया गावं में जमीन अधिग्रहण का काम बाकी ही। बताया कि 4 मार्च 2014 को काम शुरु हुआ था।  बार फिर समय बढ़ाकर जून 2018 कर दिया गया है।  मॉनसून के पहले अड़चनों को दूर नहीं किया गया तो काम को पूरा किये बिना ही कंपनी को बोरिया विस्तरा बाँध लेना होगा। 15 दिसंबर 2016 को यह बताया कि परियोजना की कुल लागत राशि 501 करोड़ रुपया है। शेष राशि जमीन अधिग्रहण के लिए है। 380 करोड़ रपये का काम समाप्त हो चुका है। 120 करोड़ में से 50 करोड़ रुपये का जमीन अधिग्रहण करना बाकी रह गया है। यह भी भारी नुकसान है।

दूसरी तरफ बिहार पुल निर्माण निगम के उप मुख्य अभियंता उत्तम कुमार व वरीय परियोजना अभियंता श्रीकान्त शास्त्री ने कहा कि  जून तक यह पुल बनकर पूरी तरह तैयार करने की कोशिश की जा रही है। कहा कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर लेने के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को कहा गया है।

Read More