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  आलमनगर (मधेपुरा):-दो वर्षीय बच्चे की गड्ढे की पानी में डूबने से मौत

Apr 10, 2018
संतोष कुमार झा की एक रिपोर्ट ।
आलमनगर(मधेपुरा)-आलमनगर थाना क्षेत्र के महमूदा  निवासी  बत्तीस मुनि  के  दो वर्षीय पुत्र शुभम कुमार की मौत पानी में डूबने से हो गया । इस बाबत  मृतक के माता अनु देवी ने बताया कि दोपहर करीब 12:00 बजे दरवाजे पर मेरा सबसे छोटा लड़का 2 वर्षीय शुभम कुमार खेल रहा था । इसी दौरान खेलते खेलते पैर फिसल गया जिससे बारिश की वजह से गड्ढे में लगे पानी में चला गया।  जब तक हम लोग दौड़कर बच्चे को गहरे पानी से निकाले और आनन फानन में आलमनगर अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों के द्वारा बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया।
वहीं इस बाबत थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि मृतक बच्चे का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है । वही बच्चे की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
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खुशखबरी…फीस कंट्रोल अध्यादेश को मिली मंजूरी, निजी स्कूलों पर कसी नकेल-H.P.SHARMA

Apr 10, 2018

H.P.SHARMA

 इसके दायरे में 20 हजार रुपए से ज्यादा सालाना फीस लेने वाले सभी स्कूल आएंगे. राज्यपाल की मंजूरी के बाद प्रमुख सचिव विधायी वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी.

नई दिल्ली: अभिभावकों को योगी सरकार ने बड़ी राहत दी है. यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने सोमवार (09 अप्रैल) शाम को फीस नियंत्रण अध्यादेश- 2018 को मंजूरी दे दी है. अब न तो निजी स्कूल मनमानी फीस वसूल सकेंगे और न ही 5 साल से पहले यूनिफॉर्म बदल सकेंगे. इसके दायरे में 20 हजार रुपए से ज्यादा सालाना फीस लेने वाले सभी स्कूल आएंगे. राज्यपाल की मंजूरी के बाद प्रमुख सचिव (विधायी) वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी. अब अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रदेश में फीस नियंत्रण कानून प्रभावी हो गया है.

5% से ज्यादा नहीं बढ़ा सकेंगे फीस
अध्यादेश के मुताबिक, निजी स्कूल वार्षिक फीस में 5 फीसदी से अधिक वृद्धि नहीं कर सकेंगे. स्कूलों को फीस स्ट्रक्चर अनिवार्य रूप से वेबसाइट पर प्रदर्शित करना होगा. वहीं, स्कूल अब एडमिशन फीस सिर्फ एक बार ही वसूल सकेंगे. फीस निर्धारण के लिए 2015-16 को आधार वर्ष माना जाएगा. 

दो भागों में फीस स्ट्रक्चर
फीस पर मनमानी रोकने के लिए इसे दो स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे. पहले भाग में संभावित शुल्क होगा, जिसमें पंजीकरण, प्रवेश, परीक्षा और संयुक्त वार्षिक शुल्क शामिल होगा. इसके अलावा वैकल्पिक शुल्क में बस का किराया, बोर्डिंग, मेस, डाइनिंग, शैक्षणिक भ्रमण और अन्य फीस शामिल होगी. ये सभी शुल्क तभी लिए जा सकेंगे जब, छात्र इन सेवाओं का इस्तेमाल कर रहा होगा. 

सरकार ने दिखाई सख्ती
फीस नियंत्रण अध्यादेश को लागू करने के लिए सख्ती दिखाई गई है. शुल्क नियंत्रित करने के लिए प्रत्येक मंडल में मंडलीय समिति बनाई जाएगी. जिसका फैसला न मानने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाईओ की जाएगी. पहली बार में 1 लाख का जुर्माना, दूसरी बार में 5 लाख का जुर्माना और तीसरी बार उल्लंघन पर स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी. इसके साथ ही अभिभावकों की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लिया जाएगा और जल्द जांच के बाद स्कूल से पूछताछ की जाएगी.

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मुख्यमंत्री की प्रमुख योजना लोक शिकायत अनुश्रवण प्रणाली का जनाजा निकालते जा रहे हैं, लेखपाल, तहसीलदार और थानेदार-M.P.SINGH एम0पी0सिंह की एक रिर्पोट

Apr 10, 2018

 

एम0पी0सिंह की एक रिर्पोट

सिद्धार्थनगर:- जनपद में जनसुनवाई शासन की अहम नीति का हिस्सा है, जिसका एक आनुसंगिक पटल तहसील दिवस, थाना समाधान दिवस एवं 09 बजे से 11 बजे तक विभागाध्यक्ष एवं कार्यालयाध्यक्ष द्वारा जनता की शिकायतें सुन उनका निस्तारण किया जाना है, किन्तु जनता जो भी शिकायतें करती है, उच्चाधिकारी राजस्व विभाग में सीधे लेखपाल को और पुलिस आफीसर सीधे थानेदार को और थानेदार हल्का सिपाहियों को जांच सौंपकर उनकी उल्टी-सीधी रिपोर्टों को जैसे-तैसे अपना जंजाल छुड़ाने के रूप में शासन के पटल पर निर्गत कर दिया करते हैं, जिससे समस्यायें जस की तस बनी रहती हैं और भ्रष्टाचार से लबरेज राजस्व और पुलिस प्रशासन वही कार्य करता है, जिसमे उसको धन का फायदा हो। इसका नतीजा यह है कि जमीनी विवाद में हर थाना क्षेत्र में पूर्व की सरकार की तरह मारपीट, फौजदारी, कत्ल, नाजायज कब्जेदारी के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। अभी हाल ही में लोटन कोतवाली क्षेत्र के गांव एकडेंगवा के हरिनरायण द्वारा जन शिकायत में गांव के दो मत्स्य पोखरे के बारे में शासन को अवगत कराया गया कि उक्त पोखरे पिछले 32 साल से बिना विधिक अधिकार के ग्राम प्रधान ने अपने रिश्तेदार को दे दिया है। रिश्तेदार ने लोटन कस्बे के एक व्यक्ति को 70000 रूपये वार्षिक रेहन पर उक्त पोखरे को दे रखा है। शिकायत के समय उसमें 100000 की मछली थी। लेखपाल ने पैसा लेकर रेहन प्राप्तकर्ता को मछली निकाल लेने दिया तथा शासन को रिपोर्ट भेज दिया कि पट्टे की कार्यवाही गजट के बाद मत्स्य नीलामी की जायेगी। जबकि आरोप यह था कि कैसे तहसीलदार और लेखपाल के अधीन उक्त पोखरा पिछले 32 वर्षों से गैर कानूनी रूप से दूसरे के कब्जे में रहा और कैसे सरकारी पोखरे को कोई अपने निजी लाभ में रेहन रखकर पैसा कमायेगा। इसमें तहसीलदार, लेखपाल और ग्राम प्रधान की भूमिका की जांच होनी थी तथा 32 साल की मत्स्य आखेट और ग्रामनिधि को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति वसूली जानी थी तथा दोषी के विरूद्ध जिसने पोखरे को रेहन रखा, उसके विरूद्ध मुकदमा कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए। सभी मामले दबाकर रिपोर्ट नीलामी करने के सम्बन्ध में करते हुए मामले को निस्तारित दिखा दिया गया। दूसरा मामला तहसील-बांसी के ग्राम-नदया विकास खण्ड-मिठवल का रहा, जिसमें ग्राम प्रधान द्वारा उच्च स्तर पर शिकायत करते हुए जिले के टाप 10 भू-माफिया रामकुबेर जो अपनी पत्नी शुभावती व पुत्र सुभाषचन्द्र के नाम से ग्रामसभा की लगभग 10 एकड़ भूमि कीमत एक करोड़ को फर्जी तरीके से अपने नाम करवा लिया था, जिसे चकबन्दी में जांच के दौरान निरस्त किया जा चुका है तथा विपक्षी के उच्च न्यायालय में चाराजोई को मा0 उच्च न्यायालय द्वारा भू-माफिया की ही रिट का निस्तारण करते हुए दिनांक 12.01.2018 को भू-माफिया का हक निरस्त करते हुए भूमि ग्रामसभा के खाते में बहाल रखी गयी और खतौनी में मा0 उच्च न्यायालय का आदेश भी दर्ज कागजात है, उसके बावजूद जिला प्रशासन, तहसील-बांसी प्रशासन अभी तक उक्त भूमि को भू-माफिया के चंगुल से बेदखल नहीं करवा पाया और लाखों की सरकारी सम्पत्ति, फसलें तहसीलदार व एस0डी0एम0 बांसी को मिलाकर विपक्षी भू-माफिया पुलिस के सहयोग से कई वर्षों से काट ले जा रहा है, जो एक प्रकार से चोरी है। और हाल ही में नदयां के टोला-भैंसहा की सरकारी ग्रामसमाज की सम्पत्ति की फसल जब भू-माफिया कटवा रहा था, तत्काल एस0डी0एम0, ए0डी0एम0, डी0एम0 सभी को ग्रामप्रधान द्वारा लिखित रूप में अवगत करा दिया गया, कार्यवाही शून्य। जबकि दोनों मामले में जनता सरकार के पक्ष मंे सूचना दे रही थी। तीसरा मामला ग्राम देवरा बाजार से सम्बन्धित था जिसमें महेश्वर द्वारा अपने पिता कुंवर दुर्गा सिंह जो कमाण्डेण्ट होमगार्ड थे, उनके कत्ल के बाद कत्ल करने वाले परिवार रबीन्द्र बहादुर, देवेन्द्र बहादुर, नरेन्द्र बहादुर, सत्येन्द्र बहादुर और उनके सहयोगी से जान-माल की रक्षा तथा उनके द्वारा फर्जी कागजातों के सहारे भूमि हड़पने से सम्बन्धित मुकदमें के जांच और ग्राम में कई गरीबों के विरूद्ध झूठे मुकदमें पिछले 32 वर्षों से दाखिल कर धन-बल और दबंगई से उन्हें सड़क पर पन्नी तानकर सोने के लिए मजबूर करने के विरूद्ध साक्ष्य लेकर शासन को कार्यवाही हेतु प्रेषित किया जाय, जो एक साथ विद्युत चोरी, सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा और कम से कम 3-4 ग्राम के परिवारों को पूरी तरह गैर कानूनी बिना अधिकार प्राप्त रूप से मुकदमें लड़ा-लड़ाकर अशान्ति और तनाव पैदा कर अन्याय को बढ़ावा दे रहे हैं। यह दबंग वकील, मिलेट्रीमैन, लेखपाल, आंगनबाड़ी कार्यकत्री जैसे पदों के अधिकारी होकर गलत साक्ष्य देकर अन्याय को बढ़ावा दे रहे हैं। थानेदार-जोगिया द्वारा इन्हीं लोगों की बातों में आकर शिकायतकर्ता को उनके झूठे आरोपों को चुप कराते हुए यह धमकी दिया गया कि विपक्षी अपनी लड़की की शिकायत देकर पीड़ित को मुकदमें में बन्द करवा देगा। यह हाल है जिले का और जन शिकायत प्रणाली का। यही कारण है कि प्रतिदिन जमीनी विवाद, कत्ल, फौजदारी और मुकदमेंबाजी पूर्ववर्ती सरकारों की तरह आज भी जारी है, यदि शिकायतें ज्यादा हों तो अधिकारी को प्रतिदिन दो-दो शिकायतें सही तरीके से सुनकर, साक्ष्य लेकर यदि निस्तारण किया जाता तो प्रतिमाह कम से कम 50 परिवार को न्याय मिलता और विवाद हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जाता और गलत तत्व चिन्हित होते, लेकिन ऐसा जिला प्रशासन में कुछ नहीं प्रतीत होता है। जबकि यह सरकार हर वक्त कार्य कर रही है, जिसमें जनता का भला हो, जनता को राहत पहुंचे और उत्तर प्रदेश में हर वर्ग की जनता निष्पक्ष प्रशासन के जरिए खुशहाल हो सके, लेकिन अधिकारी वही, कर्मचारी वही, भ्रष्टाचार और सोच में कोई बदलाव नहीं आ रहा है।

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गोरखपुर : पिता पुत्र की दिनदहाड़े हत्या,लोगों ने पुलिस पर उतारा गुस्सा-VINAY KUMAR MISHRA विनय कुमार मिश्र 

Apr 10, 2018

विनय कुमार मिश्र 
गोरखपुर।सरकार के द्वारा भले ही कितने ही कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात कही जाए परंतु जमीनी स्तर पर अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद नजर आ रहे हैं।मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में पिछले कुछ दिनों से लगातार हत्याए हो रही है जिसको लेकर गोरखपुर में हड़कंप मचा हुआ है।नवनियुक्त एसएसपी शलभ माथुर लगता है अपराधियों को रोकने में नाकाम नजर आ रहे हैं।आज अज्ञात अपराधियों द्वारा दिनदहाड़े पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
गोरखपुर झंगहा के गोबड़ौर व गजाइकोल के बीच पुलिया पर सुगहा गांव मे पिता पुत्र को अज्ञात बदमाशो ने दिन दहाडे गोली मारकर हत्या कर दी और मौके से बदमाश फरार हो गये।वही मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी और थाना अध्यक्ष पर भी पथराव की खबर मिली है।जोकि आक्रोशित लोगों के द्वारा किया गया।समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन द्वारा स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया जा रहा था।मालुम हो कि आपसी रंजिश को चलते झंगहा थाना क्षेत्र के गोबड़ौर स्थित गजाइकोल के बीच पुलिया पर पिता जय हिंद यादव और उनके पुत्र नागेंद्र यादव को गोली मारकर हमलावरों हत्या कर दी। पिता पुत्र दोनो किसी काम से आ रहे थे शहर आ रहे थे।वही वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से हत्यारे फरार हो गये। सूचना सुन मौके पर पहुची पुलिस जांच में जूटी हुई है।बता दे कि बिते करीब डेढ़ साल पहले भी मृतक जय हिंद यादव के भाई और उनके लड़के का गाव के ही एक व्यक्ति ने आपसी विवाद के चलते हत्या कर दी थी। स्थानीय ग्रामीणों में झंगहा थाना प्रभारी के कार्यशैली को लेकर रोष है और ग्रामीणों ने उन पर कई गम्भीर आरोप लगाये।ग्रामीणों ने झंगहा एसओ की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। पुलिस गाड़ी छोड़कर दूर भाग गई है। विधायक संगीत यादव के साथ भी भीड़ ने बद्सुलिकी की।ये हत्या जमीनी विवाद को लेकर अंजाम दी गई है ।

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सुरपत सिंह उच्च विद्यालय में छात्र छात्राओं से विद्यालय प्रवन्धन द्वारा अबैध वसुली के मामले को लेकर घंटों जाम -arun kumar jha अरुण कुमार झा 

Apr 10, 2018

अरुण कुमार झा 

सुपौल –प्रखंड मुख्यालय स्थित सुरपत सिंह उच्च विद्यालय में छात्र छात्राओं से विद्यालय प्रवन्धन द्वारा अबैध वसुली के मामले को लेकर आक्रोशित छात्रों ने एस एच 91 को घंटों जाम कर विद्यालय प्रवन्धन के विरुद्ध जमकर बबाल काटा । जानकरी अनुसार मंगलवार को विद्यालय में चल रहे अर्द्ध बार्षिक परीक्षा के दौरान उपस्थित छात्र छात्रा और शिक्षकों के  बीच साइकिल राशि में कैशमेमो के नाम पर तथा परिचय पत्र के नाम पर 150 से दो सौ रुपये तक कि राशि विद्यालय प्रवन्धन द्वारा उगाही की गई थी ।

जिस पर बच्चों द्वारा विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य केशव कुमार साह के पास शिकायत की गई थी, शिकायत के मद्देनजर श्री साह द्वारा विद्यालय प्रधान को फटकार लगाई गयी । जिस कारण कुछ बच्चों से ली गई राशि वापस भी किया था लेकिन बहुत सारे बच्चों का पैसा वापस नहीं किया था, इसी बातों को लेकर शिक्षक व छात्र छात्रों के बीच बाद विबाद उत्पन्न हुआ देखते ही देखते बाद विवाद मारपीट में बदल गया, इसी बीच स्थानीय पत्रकार कुन्दन कुमार जा पहुँचा, पत्रकारों को देख आक्रोशित प्रभारी प्रधानाध्यापक गुरुचरण पासवान ने पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए मारपीट किया ।  आक्रोशित छात्र छात्रों ने सड़क पर उतर कर रोड जाम करते हुए टायर जला कर शिक्षकों के विरुद्ध रोष प्रगट करते हुए जाम स्थल पर जिला पदाधिकारी व आरक्षी की आने की मांग करने लगे । लगभग आधे घंटो की इस जाम के कारण आवागमन बाधित हो गया । हालांकि कोई हताहत की घटना नही घटी । इसी बीच अनुमंडल पदाधिकारी विनय कुमार सिंह, ए एस पी जितेन्द्र कुमार, बीडीओ परवेज आलम, बीईओ लल्लू पासवान,  थानाध्यक्ष राजीव कुमार झा, जदिया थानाध्यक्ष रजनीश केशरी ने जाम स्थल पर पहुँच कर आक्रोशित छात्र छात्रओं से घटना की बाबत जानकारी ली ।  जानकरी के क्रम में बच्चों ने विद्यालय प्रवन्धन के काले करतूत को ऊजागर करते हुए बताया कि विद्यालय शिक्षको के द्वारा उपस्थित पंजी के बजाए कागज के पन्नो पर ही हाजरी लिया करते है, शुल्कों के नामों पर बिजली शुल्क तो लेते है, इस भीषण गर्मी में पंखा रहते हुए भी विद्यालय में पंखा नहीं लगते है । बर्षो से सड़ रहे जिम का उपयोग नही किया जा रहा है ।  यह आप बीती अधिकारी यो को बताया इस बाबत एसडीएम श्री सिंह ने उपस्थित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी लल्लू पासवान को निर्देश देते हुए कहा कि दोषी शिक्षकों बिरुद्ध जांच कर प्राथिमिकी दर्ज करवाये, इसी बातों पर खुश होकर बच्चों ने जाम हटा लिया ।

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सुपौल  : स्वच्छ्ता के लिए महिलाओं को जागरूक होना जरूरी-निर्भय कुमार 

Apr 10, 2018

निर्भय कुमार 

सुपौल मुख्यालय:-समाहरणालय स्तिथ टीपीसी भवन में सत्याग्रह से स्वच्छताग्रह कार्यक्रम के अंतिम दिन मध्यप्रदेश और राजस्थान से आए स्वछताग्रही को प्रमाण पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया  डीएम बैधनाथ यादव ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वछताग्रही से इस जिले में मिले अनुभव  और ओड़िएफ से सम्बंधित जानकारी और अनुभव को साझा किए। 

 राजस्थान से आए स्वछताग्रही ने कहा कि अभी भी महिलाओं में जागरूकता की कमी है।लोगो को अपने व्यवहार में परिवर्तन करने की आवश्यकता है। के घरों में शौचालय होने के बाद भी लोग खुले में शौच के लिए जाते है। ग्रामीण स्तर पर जमीन और राशि दोनों के कारण थोड़ी परेशानी हो रही है। इस लिए समुदायिक शौचालय बनाने की आवश्यकता है। कोशी से प्रभावित इस जिले में बाँस के उत्पादन से प्रभावित हो कहा कि अगर शुरुआती दौर में अगर लोगो को बाँस की चचरी बनाकर  शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया जाए तो कम खर्च में भी यह मुहिम सफल हो सकता है।इस मौके पर डीडीसी नवल किशोर चौधरी, एस पी मृत्युंजय कुमार,विश्वनाथ कुमार, उपनिर्वाचन पदाधिकारी दिनेश लाल दस, जिला कृषि पदाधिकारी प्रवीण कुमार झा आदि मौजूद थे। समारोह के अंत मे डीएम बैधनाथ यादव ने स्वछताग्रहियो को धन्यवाद देते हुए चम्पारण के लिए विदा किए।

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गोरखपुर : पुलिस की गिरफ्त में आया शातिर चोर-गोरखपुर से विनय कुमार मिश्र

Apr 10, 2018

विनय कुमार मिश्र

गोरखपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सलभ माथुर के निर्देश पर चोरी की घटनाओं को रोकथाम के अंतर्गत चलाये जा रहे अभियान में आज क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ प्रवीण कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता कर बताया कि गोरखनाथ थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने शातिर ईनामी चोर मोज़म्मिल पुत्र असलम निवासी तुर्कमानपुर थाना राजघाट को गोरखनाथ थाना क्षेत्र के कौड़िहाव के पास से गिरफ्तार किया गया।जमातलाशी में उसके पास से एक पल्सर मोटरसाइकिल एक कट्टा 12 बोर एक ज़िन्दा कारतूस एक जोड़ी पायल 4 नग बिछिया सफेद धातु बरामद की गई।

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प्रतापगढ़ में बिजली के करंट से बजरंग दल के जिला संयोजक की मौत..प्रतापगढ़ से राकेश तिवारी

Apr 10, 2018

 

राकेश तिवारी

प्रतापगढ़ जिले के मान्धाता थाना क्षेत्र के धौरहरा गांव निवासी, बजरंग दल के जिला संयोजक महेश सिंह उम्र 30 वर्ष की बिजली के करंट लगने से आज मध्य रात्रि नौ बजे मौत हो गई । जैसे ही यह खबर की जानकारी लोगों को हुई ,तो कोहराम मच गया।  महेश सिंह के पिता अनिल सिंह विकास खंड शिवगढ़ मे सेक्रेटरी के पद पर कार्य रत हैं। महेश सिंह अपने पिता की इकलौता बेटा होने के कारण घर का चिराग बुझ गया ।

 अभी 8 वर्ष पहले ही महेश सिंह की शादी प्रतिमा सिंह से , पट्टी के पास हुई थी । महेश सिंह के दो बच्चे है, ध्रुव सिंह 6 वर्ष का लड़का , मिष्ठी सिंह 3 वर्ष की लड़की है । इस घटना से घर में कोहराम मच गया । पत्नी प्रतिमा सिंह का रो रो कर बुरा हाल हो गया है ।घटना के समय महेश सिंह ने बिजली के पोल पर चढ़ कर तार जोड़ते समय करंट की चपेट में आ गये जिससे घटना स्थल पर ही मौत हो गई। महेश सिंह की पत्नी प्रतिमा सिंह  प्राथमिक विद्यालय सीधापुर मान्धाता में शिक्षा मित्र हैं ।  शव को अंतिम संस्कार के लिए इलाहाबाद ले जाया गया है। घटना के सम्बंध में थाना प्रभारी मान्धाता से पूछने पर उन्होने घटना की जानकारी होने से इंकार किया, उन्होंने बताया कि थाने पर कोई सूचना नही है ।

  जानकारी के अनुसार पडो़स के ही सुरेश सिंह के खेत में विद्युत शार्ट सर्किट से आग लगी थी,  उसी को बुझाने के लिए फ्युज काटने गये थे । महेश सिंह खेती बारी करते थे एवं एक बोलेरो वाहन रखे थे, जिसे ट्रेवल्स में चलाते थे । सामाजिक क्षेत्र में उनकी विशेष रूप रूचि रखते थे और बजरंग दल के जिला संयोजक थे ।

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